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चांदी पहाड़ में स्टोन कंपनियों के खिलाफ विरोध तेज

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चांदी पहाड़ में स्टोन कंपनियों के खिलाफ विरोध तेज

अरियरी. चांदी पहाड़ में स्टोन कम्पनियों के खिलाफ एक बार फिर खुदरा कारोबारी एवं ग्रामीणों ने जमकर बबाल काटा. कंपनियों पर जहां खुदरा कारोबारियों ने मनमाने कीमत वसूलने का आरोप लगाया. वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने स्टोन कम्पनी पर सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड की अनदेखी का आरोप लगाया है. इस दौरान विरोध में करीब एक सौ ट्रैक्टर को खड़ा कर दिया है. जिससे दो दिनों से ट्रैक्टर से गिट्टी का उठाव बंद है. इससे सैकड़ों लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है. इस संबंध में पत्थर के खुदरा कारोबारियों ने बताया कि चांदी पहाड़ में दो कंपनियां काम कर रही है. इनमें राजकुमार राजा कंस्ट्रक्सन और रवि शंकर क्रशर प्लांट कंस्ट्रक्सन शामिल है. दोनों ही कंपनियों से गृह निर्माण में काम आने वाले पत्थर जो अधिकांश 10 एमएम का होता है. उसका प्रतिदिन उठाव करती है. इन खुदरा कारोबारियों में शामिल अयोध्या यादव, अजय यादव,यदुनंदन यादव,संजीत कुमार,रंजन कुमार का कहना है कि प्रति ट्रैक्टर चार सौ रुपया रेट मनमाने तरीके से कंपनियों के द्वारा बढ़ा दिया गया है. जो कहीं से उचित नहीं हैं.इतना ही नहीं कंपनियां पहले ही सरकार के द्वारा निर्धारित मूल्य से दुगने रेट पर खुदरा कारोबारियों को 10 एमएम का गिट्टी बेच रही थी.उसे भी यह दे रहे थे. अब उसके उपर चार सौ की वृद्धि किये जाने का विरोध किया जा रहा है. दो दिनों से पत्थर का उठाव नहीं किये जाने से जहां इन खुदरा कारोबारियों का काम काज प्रभावित हुआ है.इसके साथ ही ट्रैक्टर से जुड़े मजदूरों का भी काम ठप पड़ गया है. दुगने रेट से भी ज्यादा वसूल रही कंपनियां इस संबंध में कंपनियों ने जो रेट अपनी सूची में दर्शा रखा है. उसके अनुरूप 10 एमएम की गिट्टी का रेट 577 रुपया प्रति मीट्रिक टन दर्शाया गया है. लेकिन उसे 1140 रूपये प्रति मीट्रिक टन बेचा जा रहा था. खुदरा कारोबारी इसे देकर ही कारोबार कर रहे थे. लेकिन अचानक कंपनी ने 100 रुपया प्रति मीट्रिक टन बढ़ाते हुए इसे 1240 रुपया कर दिया. एक ट्रैक्टर में चार मीट्रिक टन गिट्टी लोड किया जाता है. इस हिसाब से प्रति ट्रैक्टर चार सौ की कीमत में बढ़ोतरी कर दी गयी. जिसका खुदरा कारोबारी विरोध दर्ज कर रहे हैं. इस संबंध में कुछ लोगो का कहना है कि पुराने रेट के बोर्ड को हटा कर मनमाने रेट बताया जा रहा था. कौन है खुदरा पत्थर कारोबारी चांदी पहाड़ से जुड़े ज्यादातर खुदरा पत्थर के कारोबारी चांदी,वृन्दावन,हजरतपुर मड़रो गांव से हैं. जो ट्रैक्टर खरीद कर यहां से गिट्टी का उठाव करने के बाद डिमांड के अनुरूप घर बनाने वाले लोगों या सड़क निर्माण ठेकेदारों के यहां गिट्टी की सप्लाई करते हैं. इन तीनों गांवों से करीब एक सौ से ज्यादा ट्रैक्टर के मालिक इसकार्य से जुड़े हैं. इसके साथ ही कुछ मजदूर भी जुड़े हैं. पहाड़ कंपनियों के मनमानी से ग्रामीण भी परेशान इधर पहाड़ उत्खनन कार्य में लगी कंपनियों के कार्यशैली से स्थानीय ग्रामीणों में भी रोष व्याप्त है.स्थानीय लोगों ने बताया की कंपनियों के द्वारा पत्थर उत्खनन के लिये लगभग 200 फीट गड्ढा कर दिया गया है. उससे लगातार पानी निकाला जा रहा है. जिसके कारण हमलोगों का वाटर लेयर नीचे भाग गया है. वहीं, अत्यधिक डस्ट उड़ने से दिन प्रतिदिन लोग बीमार होते रहते हैं. सरकारी भूमि का अतिक्रमण कर किसानों के पटवन के साधन में प्रयोग आने वाले पइन को भरकर सड़क बना दिया गया है. पत्थर उत्खनन में ब्लास्टिंग में अधिक मसाला का उपयोग करने के कारण कंपन से कई घरों में दरारें पड़ गई है. कई घरों का छत भी गिर गया है इन तमाम परेशानियों को झेलना पड़ता है. फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है. विरोध करने पर कंपनियों के द्वारा झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी दी जाती रही है. पूर्व में कई लोगों को केस में फंसा भी दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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