बाहरी शरीर की जांच के बाद होती है आंतरिक शरीर की जांच
मेडिकल विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान मृतक व्यक्ति के पोस्टमार्टम में मौत की मुख्य वजह का पता लगाने के साथ मरने के पश्चात् आकस्मिक दुर्घटनाग्रस्त, अथवा रोगग्रस्त, मृतक के विषय में वैज्ञानिक अनुसंधान के हेतु शरीर की परीक्षा, अथवा शव परीक्षा करना की तमिल मेडिकल विद्यार्थियों को दी जाती है. रोग उपचारक शव परीक्षा के द्वारा ही रोग की प्रकृति, विस्तार, विशालता एवं जटिलता के विषय में जानकारी प्राप्त करते हैं पोस्टमार्टम के दो प्रमुख पार्ट होते हैं. पहले पार्ट में बाहरी शरीर की जांच की जाती है, जिसके बाद दूसरे पार्ट में शरीर के अंदर जांच की जाती है. इसके लिए पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शव को सिर से लेकर पेट तक चीर देते हैं. पोस्टमार्टम करने के दौरान आंतरिक अंगों की भी जांच की जाती है, जिसके लिए उन्हें बाहर भी निकालना पड़ता है. पोस्टमार्टम के बाद सभी अंगों को उनकी जगह पर रखकर शव को सिल दिया जाता है.
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