[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बिहारशरीफ स्पाॅन्सरशिप योजना के प्रति बढ़ी लोगों में जागरूकता

स्पाॅन्सरशिप योजना के प्रति बढ़ी लोगों में जागरूकता

0
स्पाॅन्सरशिप योजना के प्रति बढ़ी लोगों में जागरूकता

बिहारशरीफ.जिले में स्पॉन्सरशिप योजना के प्रति लोगों में जागरूकता काफी बढ़ी है. प्रतिदिन जिला बाल संरक्षण इकाई, कागजी मोहल्ला में आधा दर्जन से अधिक लोग स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं. बिहार सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना का उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं और बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है. इस योजना के तहत बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये की धनराशि दी जाती है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके. यह योजना मुख्यतः उन लोगों के लिए है, जिनके परिवार में कमाऊ सदस्य का किसी कारण से मृत्यु हो गया हो और वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं तथा जिनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. स्पॉन्सरशिप योजना का आवेदन आंगनबाड़ी सेविका-सहायका, सीडीपीओ से प्राप्त कर उन्हें भरा हुआ जरूरी कागजात के साथ दे सकते हैं. प्राप्त आवेदन की सत्यापन जिला बाल संरक्षण इकाई, नालंदा के द्वारा किया जाता है. जिला बाल संरक्षण के कागजात सत्यापन के बाद बाल कल्याण समिति, नालंदा लाभुक व दस्तावेजों देखने के बाद योजना के लिए अनुशंसा करती है. जिला बाल संरक्षण इकाई के अध्यक्ष पुष्पा पांडेय बताते हैं कि इधर तीन माह में स्पॉन्सरशिप योजना के प्रति लोगों में काफी जागरूकता आयी है. प्रत्येक दिन आधा दर्जन से अधिक लाभुक पहुंच रहे हैं. जिला बाल संरक्षण इकाई समेत एनजीओ भी स्पाॅन्सरशिप योजना के प्रति लोगों में जागरूकता लाने का काम कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel