सामूहिक दुराचार के पीड़ित के अधिवक्ता रामउदित प्रसाद सिंह ने बताया कि पीड़िता द्वारा इस मामले के आरोपी को सजा दिये जाने के बाद पीड़ित को सरकारी राहत राशि के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार में आदेवन देंगे. सरकार द्वारा दुराचार जैसे जघन्य मामलों के पीड़ितों को सरकार द्वारा प्रतीकर दिये जाने का प्रावधान है. इस मामले मे पीड़िता को पांच लाख से ज्यादा रुपए कि राहत राशि प्राप्त करने का प्रयास करेंगे. उधर, न्यायालय में सजा सुनाये जाने के बाद ही दोषी की गर्भवती पत्नी अचेत होकर धड़ाम से गिर गयी. जिसे लोगों के पानी का छीटा देकर होश में लाया. इसके पूर्व सजा के बिन्दु पर सुनवाई के दौरान दोषी अपने अधिवक्ता के मध्यम से रहम की फरियाद करते रहे. दूसरी ओर पीड़िता के अधिवक्ता ने गुहार लगाई कि दोषी के कुकृत्य के कारण पीड़िता का समाज और मुहल्ले में सिर शर्म से झुक गया है. समाज मे उसकी प्रतिष्ठा तार-तर हुई है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
