[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बिहारशरीफ अजातशत्रु किला में उत्खनन का लिया जायजा

अजातशत्रु किला में उत्खनन का लिया जायजा

0
अजातशत्रु किला में उत्खनन का लिया जायजा

राजगीऱ राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं एएसआई के पूर्व महानिदेशक प्रो केके बासा, देश के प्रख्यात पुरातत्वविद् प्रो विभा त्रिपाठी, श्रीराम अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय, अयोध्या के निदेशक डॉ. सांहिब सिंह एवं अन्य पुरातत्वविदों द्वारा मगध साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी राजगीर के सम्राट अजातशत्रु किला में चल रहे उत्खनन कार्य का निरीक्षण किया. पुरातत्वविदों द्वारा उत्खनन स्थलों के अलावे उत्खनन से प्राप्त पुरावशेषों को भी अस्थायी संग्रहालय में मुआयना किया. एएसआई के अधीक्षणपुरात्तवविद् ( उत्खनन) सुजीत नयन द्वारा दक्षिणी एशियाई पुरातत्त्व सोसायटी (सोसा) के पुराविदों को राजगीर के गौरवशाली इतिहास और उत्खनन के बारे में विस्तार से बताया. उत्खनन में मिल रहे मृदभांड अस्थियां मिट्टी के बर्तन अष्टधातु सोनी सोना धातु एवं अन्य दुर्लभ अवशेष के बारे में सुजीत नयन द्वारा बताया गया उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के उत्खनन के दौरान अनेकों महत्वपूर्ण और दुर्लभ अवशेष मिले हैं. दूसरे और तीसरे लेयर के उत्खनन होने पर मिलने वाले पूरा अवशेषों से उसके कालखंड एवं अन्य की विस्तृत जानकारी हासिल हो सकेगी. देश के आए नाम चिन पुरातत्व विदुनी अजातशत्रु किला से प्राप्त अवशेषों को देखकर आश्चर्यचकित हुए. देश के पुरातत्व वेदों की आगे के उत्खनन में मिलने वाले पूरा विशेषों पर टिकी है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel