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Home बिहार बिहारशरीफ बनारस और गया मंडियों में नालंदा के मगही पान की धूम, किसानों को मिल रहे बेहतर दाम, 400 बीघे में हो रही खेती

बनारस और गया मंडियों में नालंदा के मगही पान की धूम, किसानों को मिल रहे बेहतर दाम, 400 बीघे में हो रही खेती

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बनारस और गया मंडियों में नालंदा के मगही पान की धूम, किसानों को मिल रहे बेहतर दाम, 400 बीघे में हो रही खेती
पान की खेती की तस्वीर

बिहारशरीफ से रंजीत सिंह की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : नालंदा जिले का मगही पान अब सिर्फ जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बनारस और गया की बड़ी मंडियों में भी इसकी शान कायम हो रही है. जिले के इस्लामपुर और राजगीर इलाके में लगभग 400 बीघे जमीन पर बड़े पैमाने पर मगही पान की खेती हो रही है, जिससे सैकड़ों किसान अपनी आजीविका कमा रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार, नालंदा में पैदा होने वाले पान के पत्तों की क्वालिटी और मिठास देशभर में मशहूर है.

पारंपरिक खेती से तैयार हो रहा नालंदा का मशहूर मगही पान

जिले के बौरीसराय, बौरीडीह, कोचरा और खुदागंज गांव को पान उत्पादन का मुख्य हब माना जाता है. यहां के किसान परंपरागत तरीके से बोरसियों में पान की खेती करते हैं और पूरी मेहनत से फसल तैयार करते हैं. स्थानीय किसानों का कहना है कि नालंदा के पान की डिमांड बनारस और गया की मंडियों में सबसे ज्यादा है. मिठास और कोमलता के कारण व्यापारी यहां के पान को हाथों-हाथ लेते हैं और किसानों को मुंहमांगी कीमत मिल जाती है. इससे किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.

सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहायता से बढ़ेगा पान उत्पादन

कई किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर पान की खेती की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि कम लागत में अधिक मुनाफा मिल रहा है. कृषि विभाग के अधिकारी भी किसानों को तकनीकी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ देकर उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि सरकारी योजनाएं पूरी तरह धरातल पर उतरें तो इस इलाके में पान के रकबे और उत्पादन दोनों में भारी इजाफा होगा.

ब्रांड के रूप में उभर रहा नालंदा का मगही पान

इससे न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि नालंदा का मगही पान एक ब्रांड के रूप में उभर कर सामने आएगा. पान उत्पादक किसान बताते हैं, “पहले खेती में मुनाफा नहीं होता था, लेकिन अब पान की खेती से घर चल रहा है. बनारस के व्यापारी खुद आकर पान ले जाते हैं. ”नालंदा का यह मगही पान अब जिले की पहचान बनता जा रहा है. अगर इसी तरह सहयोग और बाजार मिलता रहा, तो यह क्षेत्र बिहार के प्रमुख पान उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाएगा.

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