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जिले में 40.19 मिलीमीटर हुई बारिश, किसानों के चेहरे खिले

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जिले में 40.19 मिलीमीटर हुई बारिश, किसानों के चेहरे खिले

बिहारशरीफ.

जिले में धीरे-धीरे में मॉनसून सक्रिय होने लगी है. मॉनसून सक्रिय होने से झमाझम बारिश होने लगी है. मंगलवार को जिले में 40.19 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है. बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. बारिश से खेतों आगत धान के बिचड़े में नयी जान आ गयी है. अब तक दो जुलाई तक जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 104.38 हेक्टेयर में धान के बिचड़ों की बोआई हो गयी है. यानी की दस हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि में बोआई हो गयी है. वर्षा होने से बिचड़़ों की बुआई में और भी तेजी आ जाने की उम्मीेदें हैं.

खेतीबाड़ी में जुटे किसान :

जुलाई माह प्रारंभ होते ही जिले में मॉनसून सक्रिय होने लगा है. पिछले दो दिनों से कमोवेश बारिश होने लगी है. पिछले दो दिनों के अंदर जिले में 44.12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है. जिला सांख्यिकी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में पहली जुलाई को जहां सिर्फ 3.93 मिलीमीटर बारिश हुई थी. वहीं दो जुलाई को 40.19 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है. यानी मंगलवार को जिले के हरेक प्रखंड में वर्षा हुई है. सबसे अधिक सिलाव प्रखंड क्षेत्र में 102 .4 मिलीमीटर बारिश हुई है. इसके बाद परवलपुर में 95.4 व गिरियक प्रखंड क्षेत्र में 94.6 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड दर्ज हुई है. जबकि सबसे कम चंडी प्रखंड में 2.2 मिली मीटर वर्षा हुई है. दो जुलाई को जिले के सभी प्रखंडों में वर्षा दर्ज की गयी है. लिहाजा जिले के किसानों को खरीफ फसल की खेती के प्रति आस जग गयी है. किसान खेती बाड़ी करने में जुट गये हैं. वैसे जुलाई माह में 252.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए. परंतु दो दिनों के अंदर 44 मिलीमीटर बारिश हो जाने से उम्मीद जतायी जा रही है कि इस माह में अच्छी बारिश होगी. जिसका आगाज हो चुका है.

जिले में अब तक 72.1 प्रतिशत हुई धान के बिचड़ों की बोआई :

जिला कृषि विभाग इस वर्ष जिले में करीब 1.33 लाख हेक्टेयर में धान की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए 14 हजार 449 .77 हेक्टेयर में बिचड़े बोने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य के विपरीत दो जुलाई तक 104.38 हेक्टेयर में बिचड़े की बोआई हो गयी है. जो लक्ष्य के 72.1 प्रतिशत है. आत्मा के उप परियोजना निदेशक अविनाश कुमार ने बताया कि मॉनसून सक्रिय होने लगा है. शेष बचे बिचड़ों की बोआई भी जल्द हो जायेगी. बारिश होने से बोआई कार्य में और भी तेजी आ जायेगी. आगत रूप से बोये गये धान के बिचड़े तैयार हो गये हैं. बारिश होने से रोपाई कार्य में भी गति आने की उम्मीद है. वर्षा होने से खेतों में नमी पूरी तरह से आ गयी है. आगत बिचड़ों में नयी जान आ गयी है. किसानों को खरीफ की खेती करने में सहूलियत होगी. उन्होंने बताया कि जिले के चंडी व बेन प्रखंडों में लक्ष्य से अधिक बिचड़ों की बोआई हुई है. जो अच्छी बात है. जहां चंडी प्रखंड में 839 हेक्टेयर में बिचड़े बोने का लक्ष्य रखा गया था. वहां पर 850 हेक्टेयर में बोआई हुई है. इसी तरह बेन प्रखंड में 719.9 की जगह 740 हेक्टेयर में बोआई हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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