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bhagalpur news. जीरोमाइल टू रानी तालाब: दो गलियों के सौ परिवारों के लिए ””””हाउस अरेस्ट”””” जैसी स्थिति

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नाला के लिए मिट्टी खोदकर बनाने लगा सड़क भी बरसाती पानी में है डूबा, कीचड़ की वजह से फिसल रही गाड़ियां

शहर में जीरोमाइल से रानी तालाब के बीच स्थित दो गलियों में रहने वाले करीब 100 परिवार इन दिनों हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में जी रहे हैं. हाइवे निर्माण कार्य के दौरान ठेका एजेंसी की लापरवाही के कारण यहां के लोग बाइक या कार से आना-जाना तक नहीं कर पा रहे हैं. कार शोरूम के पास पहली गली में मेन रोड को ऊंचा कर मिट्टी काट दी गयी है, जिससे वहां सीधी चढ़ाई बन गयी है. वहीं, दूसरी गली जो यमुना बिहार कॉलोनी के मुहाने पर है और वहां नाला बनाने के लिए खुदाई कर महीनों से काम अधूरा छोड़ दिया गया है. नतीजतन, गलियों में कीचड़ और पानी भर गया है. लोग अब वाहन छोड़ पैदल ही घर और ऑफिस जाने को मजबूर हैं. दोनों गलियों के लोगों ने बताया कि ठेका एजेंसी के कर्मियाें से बोलने का भी कोई असर नहीं पड़ा है. बारिश में पानी निकासी का रास्ता नहीं मिलने से जलजमाव के कारण मुश्किलें बढ़ जाती है.

एनएच-80 बना कीचड़ और खतरे का रास्ता

जीरोमाइल से मिर्जाचौकी के बीच 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही एनएच-80 की सड़क निर्माण में ठेका एजेंसी की बड़ी लापरवाही सामने आयी है. रानीतालाब के पास सड़क का यह हिस्सा ऐसा है, जहां काम सबसे अंत में शुरू हुआ और अब महीनों से धीमी रफ्तार में चल रहा है. गंभीर बात यह है कि इस हिस्से में नाला बनाये बिना ही सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. नतीजा यह है कि जगह-जगह पानी जमा हो रहा है और सड़क कीचड़ से भर गयी है. सड़क फिसलन भरी हो गयी है, जिससे बाइक स्किट कर गिर रही है और टोटो पलटने की घटनाएं सामने आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेका एजेंसी सिर्फ बहाने बना रही है, काम की गति धीमी है.

रानी तालाब के पास सड़क निर्माण ठप, गड्ढों में उलझ रहे वाहन

एनएच-80 के रानी तालाब के पास पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण कार्य ठप पड़ा है. इस हिस्से की सड़क पूरी तरह गड्ढों से भरी है. केवल एक साइड को मोटरेबल बनाया गया है, लेकिन वह भी कई जगहों पर बारिश के पानी में बह चुका है. हालत यह है कि वाहन गड्ढों को बचाते हुए आड़े-तिरछे चल रहे हैं, जिससे दोनों तरफ से आने-जाने वाली गाड़ियां आमने-सामने आ जा रही है. अक्सर टक्कर की नौबत बन रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेका एजेंसी की लापरवाही से यह हालात बने हैं और समय रहते समाधान नहीं हुआ तो गंभीर हादसे हो सकते हैं.

डेडलाइन फेल, एक्सटेंशन के छह माह बाद भी अधूरी पड़ी एनएच-80 की सड़क

जीरोमाइल से मिर्जाचौकी के बीच बन रही एनएच-80 की सड़क का निर्माण ढाई साल बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है. तय डेडलाइन पर काम पूरा नहीं होने पर ठेका एजेंसी को 9 माह का अतिरिक्त समय दिया गया था, लेकिन उसमें भी छह महीने गुजर चुके हैं. सड़क के कई हिस्से अधूरे पड़े हैं, कहीं गड्ढे हैं तो कहीं कीचड़. अब बचे हुए तीन महीनों में निर्माण पूरा कराना एनएच विभाग के लिए बड़ी चुनौती है.

बोले लोग

1. ठेका एजेंसी के कर्मी से कहा गया कि वह स्लोपिंग को ठीक करें और काटी गई मिट्टी को भर दें, लेकिन उन्होंने बात को अनसुना कर दिया. अब हालात यह हैं कि कार तो दूर, बाइक से निकलना भी मुश्किल हो गया है.

रवींद्र कुमार, कछुआ मोड़

2. सड़क ऊंचा करने और इसके किनारे की मिट्टी काटकर छोड़ देने की वजह से स्कूल वैन गली में नहीं आ सका. इस कारण बच्चे स्कूल नहीं जा सके. इस पर शासन-प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है.

जुली कुमारी, कछुआ मोड़

3. सड़क निर्माण के दौरान मॉनीटरिंग की कमी है. इसका अगर सही से मॉनीटरिंग होती, तो गली के लोगों को इस तरह की मुसीबतों का सामना नहीं करना पड़ता. तत्काल राहत पहुंचाने वाला कार्य होना चाहिए.

संजीव कुमार मित्रा, कछुआ मोड़

4. ठेका एजेंसी को बोले थे कि पहले नाला बना लीजिए. उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया. नाला के लिए खोदकर छोड़ दिया है और सड़क बनाने लगा है. ऑफिस में बरसाती पानी घुस जाता है.

अमरजीत कुमार, यमुना बिहार कॉलोनीकोट

ठेका एजेंसी को निर्देश दिया जायेगा कि वह अविलंब दोनों गलियों के मुहाने को क्लीयर करेंगे. सड़क निर्माण कार्य में तेजी लायेंगे. ऐसे भी 09 महीने का अतिरिक्त समय मिला है, जिसमें छह माह बीत चुका है. टाइम एक्सटेंशन चार्ज कटेगा, तो काम में तेजी लायेगा.

साकेत रौशन, कार्यपालक अभियंता

राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर

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