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महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी व नवजात की सुरक्षा को प्राथमिकता

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महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी व नवजात की सुरक्षा को प्राथमिकता

मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के स्त्रीरोग व प्रसव समेत शिशुरोग विभाग में बांका जिला अस्पताल के चिकित्सकों की दो दिवसीय डॉक्टर्स मेंटरिंग ट्रेनिंग की शुरुआत हुई. बिहार सरकार एवं पीएचएफआइ के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला में जेएलएनएमसीएच के शिशु रोग एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा बांका सदर हॉस्पिटल के चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें बच्चों एवं महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं एवं उनके निदान के संबंध में डिजिटल मैनिक्विन के बारे में बताया गया. डॉक्टरों को बताया गया कि जिला अस्पतालों में सुरक्षित डिलीवरी व नवजात की सुरक्षा होने से मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पर मरीजों का दबाव घटेगा. डिलीवरी में अधिक ब्लीडिंग होने या प्रसव में परेशानी के दौरान सिजेरियन विधि का प्रयोग करें. जरूरत पड़ने पर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के चिकित्सकों से संपर्क करें. रेफर की पूर्व सूचना दें. इससे मरीज के इलाज की तैयारी रहेगी. इस पहल से शिशु व मातृ मृत्युदर में कमी आयेगी. कार्यक्र में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ राकेश कुमार, अधीक्षक डॉ केके सिन्हा, सिविल सर्जन बांका डॉ अनीता कुमारी, विभागाध्यक्ष स्त्रीरोग डॉ अनुपमा सिन्हा, विभागाध्यक्ष शिशुरोग विभाग डॉ अंकुर प्रियदर्शी, डॉ अर्चना झा, डॉ सतीश कुमार, डॉ गणेश, पीएचएफआइ से डॉ दिलीप एवं डॉ प्रमोद सहित बांका सदर अस्पताल से आए हुए चिकित्सक मौजूद रहे.

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