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Home बिहार भागलपुर कुपोषण से मुक्ति के लिए चलेगा मिशन 45 केयर

कुपोषण से मुक्ति के लिए चलेगा मिशन 45 केयर

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कुपोषण से मुक्ति के लिए चलेगा मिशन 45 केयर

जिले के सभी कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को 45 दिनों के अंदर कुपोषण से बाहर निकलना की रणनीति बनायी गयी है. इसे मिशन 45 केयर एट दी रेट डोर का नाम दिया गया है. इसे सरजमीं पर उमारने के लिए सभी बीडीओ, सीडीपीओ, स्वास्थ्य विभाग के सभी बीसीएम व पिरामिड संस्था के पदाधिकारी को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए शुक्रवार को समीक्षा भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया.

कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने किया. डीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बहुत सारे बच्चे कुपोषित हैं, जिससे उसका शारीरिक विकास बाधित हो जाता है. शरीर के सभी अंगों का समुचित विकास नहीं हो पता है, खासकर नर्वस सिस्टम का. हमें एक-एक बच्चे और एक-एक मां पर ध्यान देना होगा. जो गर्भवती माता हैं, उन्हें समय से विशेष पोषक आहार देना होगा. कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की पहचान करनी होगी. तीन वर्ष से छोटे बच्चों की देखभाल आशा की निगरानी में की जाये. इसके लिए अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों का पहचान अभियान चला कर किया जाये. सभी आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की मापी कर लें. उन्हें सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान कर कुपोषण अति कुपोषण के घेरे से बाहर निकाल कर कुपोषण मुक्त भागलपुर बनाया जायेगा. अगर रेफरल केस है, तो वैसे में एनआरसी में रेफर किया जायेगा. इसके लिए पिकू वार्ड में अलग से 30 बेड की व्यवस्था की जा रही है. जो अति कुपोषित बच्चे हैं उन्हें 15 दिनों में माइल्ड बनाना है और जो माइल्ड है उन्हें 15 दोनों में मॉडरेट बना दिया जाये.

उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर इसके लिए टीम गठित की जायेगी. डीडीसी कुमार अनुराग ने कहा कि सभी सीडीपीओ कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए सभी सेविका व सहायिका को अच्छी तरह से मापी की जानकारी दें. इस प्रशिक्षण की जानकारी प्रखंड स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण में दी जायेगी. इस मौके पर संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ अशोक प्रसाद, जिला पंचायती राज पदाधिकारी विकास कुमार आदि मौजूद थे.

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