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bhagalpur news. बिना सामाजिकता के देश व विश्व को विकसित नहीं कर सकते : प्रो दीपो

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टीएनबी कॉलेज में बिहार समाजशास्त्र सोसायटी के बैनर तले दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शनिवार से शुरू हुआ. पहले दिन सामाजिक विज्ञान में शोध और प्रकाशन पर राष्ट्रीय कार्यशाला हुआ.

मौके पर जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो अभिलेश कुमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में साबित हो सकता है. प्राचार्य डॉ दीपो महतो ने कहा कि सर्वप्रथम सामाजिक होना चाहिए. बिना सामाजिकता के हम देश और विश्व को विकसित नहीं कर सकते हैं. मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य प्रो संजय कुमार झा ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे विश्वविद्यालय के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

प्रो पुर्णेंदु शेखर ने कहा कि दर्शनशास्त्र की विज्ञान में भूमिका महत्वपूर्ण है. तमाम मेथोडोलाॅजी को स्थापित करने में दर्शनशास्त्र विज्ञान का अहम स्थान है. डॉ स्वस्तिका दास ने कहा कि रिसर्च समाज के उत्थान की बात करता है. इसमें नवीनता के साथ मौलिकता दिखनी चाहिए. मिजोरम से आये प्रो आरके मोहंती ने इम्पिरिकल रिसर्च के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की. कहा कि समाजशास्त्र के शोध विधियों में अवलोकन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. आपका फिलोसॉफी मजबूत है, तो आपका रिसर्च भी सबसे बढ़िया होगा. रेपोरटियर में डॉ श्वेता पाठक, डॉ पुष्प कुमार राय, डॉ अख्तर अली, डॉ शिवानी भारद्वाज, डॉ प्रवीण कुमार, डॉ रितु कुमारी आदि थे. मंच डॉ स्वीटी कुमारी, डॉ सोनल पांडेय व डॉ टीना टिंवकल ने किया. आयोजन के अध्यक्ष डॉ संगीत कुमार ने सोसाइटी से संबंधित लेखा-जोखा पेश किया. धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ निर्लेश कुमार ने किया. टीएनबी व मारवाड़ी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन किया जा रहा है. इस अवसर पर पीजी व कॉलेजों के शिक्षक आदि मौजूद थे.

रिसर्च कार्य में हमेशा ईमानदारी का दें परिचय

दूसरे सत्र में कोलकाता से आये प्रो मनीष कुमार ठाकुर ने प्लेगरिज्म और रिफेरेंसिग विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रिसर्च कार्य में हमेशा ईमानदारी का परिचय देना है. कहीं दूसरे जगह से कोई विषय अपने रिसर्च लेखन में लेते हैं, तो उसकी जानकारी अवश्य दें. रिसर्च में एक नवाचार की आवश्यकता है, ताकि शैक्षणिक संस्थानों में नयापन देखने को मिले. पटना से आये प्रो मनीष कुमार तिवारी, प्रो आदित्य राज, प्रो बीएन प्रसाद, प्रो प्रमोद कुमार चौधरी, प्रो प्रेम शंकर झा, डॉ रविशंकर प्रसाद, डॉ मुश्फिक आलम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

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