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Home बिहार भागलपुर टीएमबीयू में सेवा अवधि विस्तार नहीं होने से अतिथि शिक्षकों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

टीएमबीयू में सेवा अवधि विस्तार नहीं होने से अतिथि शिक्षकों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

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टीएमबीयू में सेवा अवधि विस्तार नहीं होने से अतिथि शिक्षकों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

भागलपुर से आरफीन जुबैर की रिपोर्ट :

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में अप्रैल 2025 में नियुक्त हुए 70 अतिथि शिक्षकों ने अपनी सेवा अवधि विस्तार की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को विश्वविद्यालय के रवींद्र भवन परिसर में शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और जल्द मांग पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है.

प्रशासन की लापरवाही पर जतायी नाराजगी

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि सेवा अवधि विस्तार के संबंध में लोकभवन से विश्वविद्यालय को पत्र भेजा जा चुका है, इसके बावजूद विवि प्रशासन इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं ले रहा है. शिक्षकों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जब तक उनकी सेवा अवधि विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की कमी के कारण कई अंगीभूत कॉलेजों और पीजी विभागों में पठन-पाठन कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे शिक्षक

डॉ चैतन्य ने आरोप लगाया कि मानदेय और सेवा अवधि विस्तार के नाम पर शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि वे राजनीतिक और पूर्वाग्रही नीति को छोड़कर विद्यार्थियों के हित में निर्णय लें. वहीं, डॉ तुषार रंजन ने बहाली पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और मगध समेत अन्य विश्वविद्यालयों में भी नियुक्तियों पर सवाल उठे हैं. डॉ प्रताप राज ने स्पष्ट किया कि उनकी नियुक्ति एक स्थायी कुलपति के कार्यकाल में मानक प्रक्रिया के तहत हुई है, जो पूर्व की सभी नियुक्तियों की तुलना में पूरी तरह सही है.

इन्होंने भी जताया आक्रोश

डॉ. अकांत चौधरी, डॉ अनंत दास, डॉ दुर्गा कुमारी, डॉ सीमा, डॉ अमित वर्मा, डॉ अपूर्व कुमार, डॉ नीतीश, डॉ अजय कुमार, डॉ ज्योत्सना तिवारी, डॉ दीपक चौरसिया, डॉ अतुल समीरन और डॉ रूपा सिंह सहित कई अन्य शिक्षकों ने भी आक्रोश व्यक्त किया.

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