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कला केंद्र में डिप्लोमा को डिग्री पाठ्यक्रम में बदलने की दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता

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कला केंद्र में डिप्लोमा को डिग्री पाठ्यक्रम में बदलने की दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता

कला केंद्र पूर्ववर्ती छात्र संघ की ओर से शनिवार को कला केंद्र परिसर में तीन दिवसीय द्वितीय रंग कथा 2024 का शुभारंभ हुआ. गणमान्य व वरिष्ठ पूर्ववर्ती छात्राें ने कला केंद्र के स्वर्णिम इतिहास, उपलब्धियों, और यहां से जुड़े कलाकारों की वैश्विक पहचान पर विचार साझा किया और कहा कि कला केंद्र में डिप्लोमा को डिग्री पाठ्यक्रम में बदलने की दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है. इससे पहले रंग कथा का उद्घाटन एमएलसी डॉ एनके यादव, बिहार राज्य अति पिछड़ा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ रतन मंडल, पूर्व डिप्टी मेयर डॉ प्रीति शेखर, छात्र संघ के अध्यक्ष डॉ सुधीर मंडल एवं उदय ने संयुक्त रूप से किया. इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे पेंटिंग और मंजूषा पेंटिंग प्रतियोगिता से हुई. इस प्रतियोगिता में बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कला केंद्र के पूर्ववर्ती छात्र कलाकारों और स्थानीय कलाकारों ने उत्कृष्ट कृतियों को प्रदर्शित किया. प्रदर्शनी में चित्रकला, लोक चित्रकला, मूर्तिकला, हस्तकला, फोटोग्राफी और काष्ठ कला की अनूठी विधाओं को शामिल किया गया है. प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण कला केंद्र के गुरुजनों, स्वर्गीय इंद्रदेव सिंह, राम लखन सिंह, कृष्णकांत, और दीपक की स्मृति को यह प्रदर्शनी समर्पित है.इसके साथ ही, गोबू सरकार की काष्ठ कला की अद्भुत कृतियां भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गयी है. साथ ही दिनकर पुस्तकालय की ओर से पुस्तक प्रदर्शनी लगायी गयी. साहित्य प्रेमियों के लिए पुस्तकों का संग्रह है. प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों का सम्मान 30 को शनिवार को चित्रकला व मंजूषा प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को 30 दिसंबर को समापन सम्मानित किया जायेगा. जूनियर वर्ग के लिए चित्रकला का विषय प्राकृतिक दृश्य, पृथ्वी बचाओ जल है तो कल है था. सीनियर वर्ग के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण और हम, मेरे सपनों का भारत व अमृत काल विषय पर चित्रकारी के माध्यम से अपना विजन साफ रखा और लोगों को बड़े संदेश दिये. जूनियर वर्ग ‘ए’ में कक्षा 2 व 3 के बच्चों ने भाग लिया. इसमें हनी, अमृतम राजलक्ष्मी सिंह, कृर्षिका राज, गर्वित मणी व वेदांत ने सफलता पायी, जबकि कक्षा चार से छह में पीयूष राज, अराध्या झा, कुमार अर्नव सिंह व कक्षा सातवीं से नौवीं तक में कृतिका मंजरी, प्रज्ञा प्रभात, चाहत प्रिया, रौनक सिंह ने सफलता हासिल की. मंजूषा में अमन सागर, देवांश कुमार, तेजस प्रताप व अनुकृति कुमारी अव्वल रहे. इस मौके पर संघ के सचिव शशि शंकर कोषाध्यक्ष रूपम रानी, पंकज मणि, मूदुला सिंह, सीए प्रदीप झुनझुनवाला, अमृता, गुलशन,राहुल, सार्थक, मृदुला सिंह, पंकज मणि, मनोज, नूतन सिंह, मोना सिंह, ज्योत्स्ना पांडेय, शैलू सिंह, सालीनी सिंह, रूपम दी, श्रीकांत, प्रदीप झुनझुनवाला, सीतांशु, अरुण, बबीता सिंह, मिंटू मियां दाद, अमृता सिंह, अनिल जी, शालिनी सिन्हा, सरिता सिंह, कृशिका, जय कुमार, गुलशन कुमार, चित्रसेन कुमार सिंह, मेघा यादव, अमलेंदु कुमार, अंजन, नवनीता शर्मा, आलोक, सौरभ, शर्कित, मिथिलेश कुमार, नरेंद्र (लल्लू), वंदना कुमारी, वीणा मिश्रा और सविता पाठक उपस्थित थे. संघ के सचिव शशि शंकर ने बताया कि द्वितीय रंग कथा-2024 का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करना है. द्वितीय रंग कथा-2024 का समापन 30 दिसंबर 2024 को शाम 4 बजे आयोजित सम्मान समारोह के साथ होगा. इस अवसर पर विभिन्न प्रतिभागियों और कलाकारों को उनकी उत्कृष्टता और योगदान के लिए सम्मानित किया जायेगा.

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