[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार भागलपुर bhagalpur news. छात्र शिकायत निवारण समिति गठन का पत्र तीन दिन में ही वापस

bhagalpur news. छात्र शिकायत निवारण समिति गठन का पत्र तीन दिन में ही वापस

0

टीएमबीयू द्वारा महाविद्यालयों में छात्र शिकायत निवारण समिति के पुनर्गठन को लेकर जारी पत्र तीन दिन के भीतर ही वापस ले लिया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उक्त पत्र कुलपति की स्वीकृति के बिना अनजाने में जारी हो गया था. आदेश और आदेश वापस लेने का दोनों पत्र रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने जारी किया था. विश्वविद्यालय की ओर से दो फरवरी को पत्र संख्या डीएसडब्ल्यू/23/26 के माध्यम से सभी संबद्ध, अंगीभूत व बीएड महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया था कि वे अपने-अपने कॉलेजों में छात्र शिकायत निवारण समिति का पुनर्गठन करें. निर्देश में समिति में अध्यक्ष के रूप में सबसे वरिष्ठ शिक्षक या प्रधानाचार्य, चार सदस्य (जिसमें एक महिला व एक ओबीसी/एससी/एसटी वर्ग से) और एक छात्र प्रतिनिधि को शामिल करने का उल्लेख था. साथ ही कॉलेज की वेबसाइट का विवरण, समिति सदस्यों के मोबाइल नंबर व ईमेल आइडी तीन दिनों के भीतर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था.

हालांकि, चार फरवरी को विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक नये पत्र में उक्त आदेश को पूर्वव्यापी प्रभाव से वापस लेने की सूचना दी गयी. पत्र में कहा गया है कि दो फरवरी को जारी आदेश कुलपति की स्वीकृति के बिना रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर से जारी हो गया था, इसलिए उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाये. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया से उत्पन्न असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया है.

सूत्र बताते हैं कि समिति पुनर्गठन का पत्र जारी होने की जानकारी जब प्रभारी कुलपति को मिली, तो उन्होंने इसे वापस लेने के लिए कहा. फिर आदेश वापस लेने का पत्र बुधवार को जारी किया गया. वहीं छात्र शिकायत निवारण समिति के गठन से जुड़ा पत्र जारी होने के बाद कुछ छात्र संगठन विरोध करने लगे थे.

—————–

आदेश जारी करना दुर्भाग्यपूर्ण : अभाविप

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा समिति गठन को लेकर जारी किये गये आदेश पर कड़ी आपत्ति दर्ज करायी. परिषद का कहना था कि यह आदेश न्यायालय की मंशा की अवहेलना की भावना को भी दर्शाता है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे छात्रों, शिक्षकों व महाविद्यालय प्रशासन के बीच भ्रम की स्थिति बन गयी. इसे वापस लेने की मांग की गयी. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने बताया कि विश्वविद्यालय में छात्र हितों की अनेक समस्याएं हैं, जिनका निराकरण करना अत्यंत आवश्यक है, जो मामला न्यायालय में विचाराधीन हो, उस पर आदेश जारी करने की इतनी भी जल्दी क्यों थी.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel