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Home बिहार भागलपुर bhagalpur news. खाद्य तेल की रिपैकेजिंग का हो रहा था कारोबार, एमओ ने पकड़ा, गोदाम सील

bhagalpur news. खाद्य तेल की रिपैकेजिंग का हो रहा था कारोबार, एमओ ने पकड़ा, गोदाम सील

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नाथनगर प्रखंड क्षेत्र की कजरैली पंचायत के तेतरहार रोड में कजरैली थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर राइस ब्रान तेल रिपैकेजिंग का संदिग्ध कारोबार चार साल से चल रहा था. इसका खुलासा तब हुआ जब प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कुमार अभिजीत ने बुधवार को गोदाम में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान गोदाम में 15 लीटर वाले टीन में करीब पांच हजार लीटर राइस ब्रान (खाने वाला तेल/रिफाइन) मिला. करीब पांच हजार खाली टीन भी गोदाम में रखा हुआ था. इसके अलावा एक ट्रक गोदाम के अंदर पाया गया जिससे माल ढुलाई का काम किया जा रहा था. प्रशासन ने जांच में पाया कि गोदाम में ऑफिस बना था. वहां ताला लगा एक बक्सा मिला. चाभी मांगने पर गोदाम मालिक ने नहीं होने की बात कही. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बक्सा तोड़ा. बक्सा से पांच लाख 50 हजार के आसपास कैश बरामद हुआ. गोदाम मालिक मो ओवैस आलम से पूछताछ करने पर वह जरूरी वैध कागजात दिखाने में असमर्थ रहा. जो कागजात उसने दिखाया उससे अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए. एमओ व कजरैली पुलिस ने मजदूर व मालिक को हिरासत मे ले लिया. उनसे पूछताछ चल रही है. थानेदार के साथ पहुंचे एमओ, भागने लगे मजदूर, खदेड़कर पकड़ा, गोदाम सील कजरैली थानेदार व पुलिस टीम के साथ जब आपूर्ति पदाधिकारी कुमार अभिजीत गोदाम पहुंचे तो गोदाम में काम कर रहे मजदूर इधर-उधर भागने लगे. पुलिसकर्मियों ने खेत में खदेड़ कर करीब एक दर्जन से अधिक मजदूर को पकड़ा. बताया जाता है कि कई मजदूर नाबालिग हैं. उनसे अवैध तरीके से कार्य कराया जाता है. पुलिस -प्रशासन ने गोदाम में करीब तीन घंटे तक छापेमारी व जांच की. इस दौरान एमओ ने तेल का सैंपल लिया. इसे सील कर के जांच के लिए लैब भेजने की तैयारी है. टीन के अलावा वहां 200 ग्राम के करीब के कुछ छोटे बोतल मिले. इनमें तेल भरा हुआ था. बोतल के ऊपर कागज सजा था. इसमें तारीख लिखी थी. बिना रैपर के उक्त बोतल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया. पुलिस ने एमओ के मौजूदगी में गोदाम को सील कर दिया है. चार साल चल रहा कारोबार ,17 ब्रांड का तेल पैक होकर जा रहा था बाजार में गोदाम मालिक ने बताया कि वो मुंगेर का रहनेवाला है और वर्तमान मे पंखाटोली हबीबपुर में रह रहा है. वह अपने मामा की जमीन पर कजरैली में तेल रिपैकेजिंग का कारोबार चलाता है. बाहर से राइस ब्रान रिफाइन मंगा कर अपने गोदाम में टीन में पैकिंग कराता है. इसके बाद उस तेल को होलसेल व रिटेल में बेचा जाता है. करीब चार साल से गोदाम में कारोबार चला रहा है. गोदाम में शहनाई एक्टिव, सरसों कोल्हू, घानी, टेलीफोन ब्रांड, सीपी ब्रांड, नागाजी आदि सहित 17 ब्रांड के तेल की पैकिंग होती थी. फूड लाइसेंस था, लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं एक ही गोदाम में रिफाइन स्टाक, टीन के पेंट की एसिड से सफाई, टीन में पेंटिंग, मार्का लगाने, गैस सिलिंडर, खाने का पीने का सामान आदि रखा मिला. साफ सफाई व खाने योग्य सामान का उचित रखरखाव का कोई ध्यान नहीं रखा गया था. गोदाम का गंदा पानी व मल-मूत्र बाहर खुले में गड्ढे में बहता है. पूछताछ के बाद गोदाम मालिक से कागजात की मांग की गयी तो उसने फूड लाइसेंस, जीएसटी व मार्का जिसका तेल बेच रहा है, होने की बात कही. गोदाम में इतनी गंदगी रहने व साफ सफाई का ध्यान नहीं रखने पर भी गोदाम मालिक को कैसे फूड लाइसेंस मिल गया, यह बड़ा सवाल है. वहीं इनकम टैक्स रिटर्न भरने, जीएसटी कितना भर रहा हैं, कितने का सेल हो रहा है, हिसाब किताब कहा है आदि सवालों का कोई संतोषजनक जवाब गोदाम मालिक नहीं दे पाया. मालिक के पास प्रदूषण का लाइसेंस नहीं था. होलसेलर के यहां भी हो सकती है जांच बताया जाता है कि तेल कि क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं है. कहां से रिफाइन आ रहा है, वो किस क्वालिटी का है, रिपैकेजिंग करने का गोदाम मालिक को जो लाइसेंस मिला है वो कितना सही है आदि की जांच अधिकारी कर रहे हैं. जहां-जहां माल जा रहा है, उस होलसेलर व रिटेलर की दुकान में भी जांच टीम पहुंच सकती है. एमओ कुमार अभिजीत ने बताया कि वरीय अधिकारियों व स्थानीय थानाध्यक्ष की सूचना पर कार्रवाई की गयी है. गोदाम मालिक ने जो भी कागजात दिया हैं, वह संतोषजनक नहीं है. कागजात की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि जितने भी लाइसेंस लिया है और जिस विभाग का लाइसेंस नहीं लिया है उस तमाम विभाग से कागजात की जांच करायी जायेगी. तेल को जांच के लिए लैब भेजा जायेगा. पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की जायेगी. फिलहाल गोदाम सील कर दिया गया है. गोदाम से जो भी कागजात जब्त हुए है सबकी जांच की जा रही है. गोदाम मालिक व मजदूरों से थाने में पूछताछ की जा रही है.

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