[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार भागलपुर जिला स्तर पर गठित होगी रैगिंग विरोधी समिति, डीएम होंगे हेड

जिला स्तर पर गठित होगी रैगिंग विरोधी समिति, डीएम होंगे हेड

0
जिला स्तर पर गठित होगी रैगिंग विरोधी समिति, डीएम होंगे हेड

अब जिला स्तर पर रैगिंग विरोधी समिति का गठन होगा. इसके प्रमुख डीएम होंगे. यह समिति शैक्षणिक संस्थानों में बनी रैगिंग विरोधी समिति का नेतृत्व करेगी. इस बाबत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव आचार्य मनीष आर जोशी ने डीएम, एसएसपी व एसपी को पत्र भेजा है. न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है. वर्ष 2009 में बना था एंटी रैगिंग रेगुलेशन रैगिंग एक अपराध है. यूजीसी ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग के खतरे को रोकने और खत्म करने के लिए वर्ष 2009 में एंटी रैगिंग रेगुलेशन बनाया था. यह नियम अनिवार्य हैं और सभी संस्थानों को निगरानी तंत्र सहित इसके कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है. इन नियमों का उल्लंघन बेहद गंभीर विषय है. इस पर कार्रवाई भी संभव है. कोई संस्थान रैगिंग को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने में विफल रहता है या इन नियमों के अनुसार कार्य नहीं करता है या रैगिंग की घटनाओं के अपराधियों को उचित रूप से दंडित करने में विफल रहता है, तो उस पर रैगिंग के खतरे को रोकने के लिए यूजीसी रेगुलेशन-2009 के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रवधान है. ———————— सुप्रीम कोर्ट का आदेश : कमेटी में ये शामिल होंगे –जिलाधिकारी : समिति के प्रमुख –संबंधित शैक्षणिक संस्था के प्रमुख : सदस्य –जिले के पुलिस अधीक्षक व एसएसपी : सदस्य –एडीएम : सदस्य सचिव –स्थानीय मीडिया के प्रतिनिधि –जिला स्तरीय गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि –छात्र संगठनों के प्रतिनिधि —————————- जिलास्तरीय समिति का क्या होगा काम स्थानीय पुलिस, स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ संस्थागत अधिकारी रैगिंग की घटनाओं पर निगरानी तय करेंगे. इस जिला स्तरीय समिति को प्रत्येक संस्थान की तैयारियों की स्थिति पर ध्यान देना है. संबंधित निकायों, विश्वविद्यालय, राज्य व केंद्रीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जायेगा. इसके लिए गर्मी की छुट्टियों की बैठकों के दौरान तैयारी पर विचार किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel