[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार भागलपुर प्रेम और ईश्वर की भक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण

प्रेम और ईश्वर की भक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण

0
प्रेम और ईश्वर की भक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से अलीगंज गंगटी भैरोपुर चौक पर आयोजित श्रीरामचरितमानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को जीवन में प्रेम के महत्व विषय पर प्रवचन हुआ. साध्वी शीतली भारती ने कहा कि प्रेम और ईश्वर की भक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है. ईश्वर की भक्ति मानव को संपूर्ण बंधनों से मुक्त करती है. यह भक्ति प्रेम और विश्वास के साथ होनी चाहिए.

एक्यूप्रेशर व योग का मिला प्रशिक्षण, सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल

स्वामी यादवेंद्रानंद ने प्रातः काल में एक्यूप्रेशर और योग का प्रशिक्षण दिया. उन्होंने कहा कि प्रेम एक गहरी और सहज भावना है. यह किसी व्यक्ति, वस्तु या विचार के प्रति लगाव और अपनेपन को प्रकट करती है. प्रेम में त्याग, समर्पण, विश्वास है. ज्ञान प्रेम के लिए रास्ता जरूर बनाता है. केवल प्रेम ही ईश्वर को पकड़ने का एकमात्र रास्ता है. ज्ञान क्रिया योग के अभ्यास से आता है. जब आप ईश्वर को जान जायेंगे, तब आप उनसे प्रेम करेंगे. आप स्वयं को उन्हें समर्पित कर देंगे. स्वामी सांसदानंद ने कहा कि ईश्वर की सुंदरता अपार है. इस संसार में किसी भी वस्तु के प्रति आसक्ति रखने का कोई लाभ नहीं है. ईश्वर के ब्रह्मांडीय नाटक में अनेक वस्तुएं आती और जाती हैं. अपने हृदय में, संसार को अपने बिना देखता हूं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel