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Home बिहार भागलपुर bhagalpur news. लोहिया पुल : गहरे गड्ढे और जर्जर हालत में भी मेंटेनेंस नहीं, गुजरना जोखिम भरा

bhagalpur news. लोहिया पुल : गहरे गड्ढे और जर्जर हालत में भी मेंटेनेंस नहीं, गुजरना जोखिम भरा

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लोहिया पुल अब जर्जर स्थिति में पहुंचता जा रहा है. सड़क निर्माण निगम और एनएच विभाग के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही थी, जिसके चलते समय पर इसकी देखरेख नहीं हो सकी. बाद में जब तेजस्वी यादव सड़क निर्माण मंत्री थे, तब उन्होंने इसकी जिम्मेदारी सड़क निर्माण विभाग (आरसीडी) को सौंपी थी. कोरोना काल के दौरान आरसीडी द्वारा करीब 65 लाख रुपये खर्च कर मेंटेनेंस कराया गया, लेकिन वह भी आधा-अधूरा रहा. खासकर रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से को नजरअंदाज कर दिया गया. वर्तमान में पुल की हालत और भी खराब हो चुकी है. पुल के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गये हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गयी है. पुल के महत्वपूर्ण हिस्से एक्सपेंशन ज्वाइंट को लेकर भी लापरवाही बरती गयी है. एक्सपर्ट के अनुसार एक्सपेंशन ज्वाइंट पुल की संरचना में तापमान के अनुसार होने वाले फैलाव और संकुचन को सहन करने में मदद करता है. इससे पुल की आयु बढ़ती है और वाहनों के आवागमन में कंपन कम होता है. लेकिन इसकी मरम्मत करने के बजाय विभाग ने इसे रोड कंस्ट्रक्शन मटेरियल से भर दिया है. इससे पुल की संरचनात्मक मजबूती खतरे में पड़ गयी है. निगम का लगाया चेकर टाइल्स होने लगा खराब लोहिया पुल के फुटपाथ पर चेकर टाइल्स निगम ने कुछ दिन पहले ही लगाया है. अब यह खराब होने लगा है. कई जगहों पर किनारा क्षतिग्रस्त हो गया है. इसका मेंटेनेंस अगर नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह भी उखड़ जायेगा. कार्ययोजना तक में नहीं किया शामिल लोहिया पुल के गड्ढे और निकलने वाले छड़ की वजह से यह अब राहगीरों को डराने लगा है. बावजूद, इसके मेंटेनेंस कार्य को कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया. इसको अगर आरसीडी कार्ययोजना में लेता, तो मुख्यालय से मरम्मत कराने के लिए हरी झंडी मिल सकती थी. सड़कों पर फुटओवर बनाने की योजना मुख्यालय में जाकर लंबित सड़कों पर फुटओवर बनाने की योजना भी दूसरी योजनाओं की तरह मुख्यालय में लंबित है. जबकि मुख्यालय ने ही आरसीडी और एनएच विभाग से जगह चिह्नित कर प्रपोजल मंगाया. आरसीडी ने घूरनपीरबाबा से कचहरी चौक के बीच और एनएच विभाग ने जीरोमाइल से रानी तालाब के बीच फुटओवर ब्रिज निर्माण का प्रपोजल भेजा है. इसके भेजे से कई महीने बीत चुके हैं लेकिन, मंजूरी नहीं दी गयी है. जबकि, इससे वर्षों पहले आरसीडी ने तीन जगहों पर फुटओवर ब्रिज के लिए प्रपोजल भेजा था. उसको भी मंजूरी नहीं दी गयी थी.

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