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Bhagalpur news प्रेम से ही भक्तों के अधीन होते हैं भगवान : सुबोधानंद

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Bhagalpur news प्रेम से ही भक्तों के अधीन होते हैं भगवान : सुबोधानंद

भगवान प्रेम से ही भक्तों के अधीन होते हैं. मानव जीवन में प्रेम से बढ़ कर कुछ नहीं होता है. उक्त बातें स्वामी सुबोधानंद जी महाराज ने कही. श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा ज्ञान यज्ञ में कथा वाचक ने सोमवार को रासलीला को विस्तार से बताते हुए कहा कि रासलीला काम विजय की लीला है. भगवान श्रीकृष्ण के साथ व्रज की गोपियां प्रेम की जीती जागती प्रतिमा है, इसलिए तो रासलीला में स्त्री का वेश बना कर भगवान शिव भी पहुंचे थे. शुद्ध हृदय से भगवान की भक्ति करने से ईश्वर प्रसन्न होते है. नयी दुर्गा मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में भगवान कृष्ण के विवाह का वर्णन किया गया. संत पथिक सेवा समिति की ओर से आयोजित व हरिद्वार से पधारे कथा वाचक ने विस्तार से कृष्ण-रूक्मिणी विवाह का वर्णन किया. संगीतमय भागवत कथा के दौरान आज मेरे घनश्याम की शादी है, मेरे भगवान की शादी है…, सांवली सूरत में मोहन दिल दीवाना हो गया…आदि गीत पर पूरा कथा प्रशाल झूमने को विवश हो गया. उन्होंने कहा कि महिला को पतिव्रता होना चाहिए. जबकि भगवान के ऊपर सबकुछ न्योछावर कर देने पर वह भक्त के कष्टों को हर लेते है. उन्होंने कंश वध, उद्धव गोपी संवाद, द्वारिकापुरी निर्माण, रुक्मिणी-कृष्ण विवाह आदि प्रसंगों को विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि काम विजय रासलीला है. जो व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक रासलीला का श्रवण करता है, उसके काम-विकार नष्ट हो जाते हैं. कथावाचक ने कहा कि भगवान कृष्ण के दिव्य लीला का श्रद्धा भक्ति पूर्वक श्रवण व मनन करने से मन का विकार नष्ट होता है. जन्म-मरण से मुक्ति मिल जाती है. रुक्मिणी कृष्ण विवाह का सुंदर झांकी दिखायी गयी. समिति के त्रिवेणी शर्मा ने बताया कि कथा का समापन मंगलवार को होगा. सामूहिक हवन बुधवार को होगा. आयोजन को सफल बनाने में त्रिवेणी शर्मा, कपिलकांत, अरुण कुमार चौधरी, कन्हैया पोद्दार, रामायण शरण, भीम मोदी, चरित्रर ठाकुर, वासुदेव रामुका व कई लोग सक्रिय हैं.

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