[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार भागलपुर तीन साल तक काम करता है गर्भ निरोधक सबडर्मल इंप्लांट

तीन साल तक काम करता है गर्भ निरोधक सबडर्मल इंप्लांट

0
तीन साल तक काम करता है गर्भ निरोधक सबडर्मल इंप्लांट

वरीय संवाददाता, भागलपुर सदर अस्पताल में गुरुवार को परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत गर्भ निरोधक विधि सब डर्मल इम्प्लांट विषय पर कार्यशाला हुई. कार्यक्रम में सदर अस्पताल जिला अस्पताल एवं जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की 11 महिला डॉक्टरों को इम्प्लांट प्रत्यारोपण कर सिखाया गया. नेशनल मास्टर ट्रेनर डॉ रानू सिंह ने प्रशिक्षण दिया. उन्होंने स्थानीय डॉक्टरों ने बताया कि इस गर्भनिरोधक उपाय से महिलाएं दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर रख सकती हैं. इम्प्लांट को लेकर महिला चिकित्सकों ने मास्टर ट्रेनर से कई सवाल भी पूछे. ट्रेनर ने बताया कि इम्प्लांट लगने के एक सप्ताह के बाद यह काम करना शुरू कर देता है. इस दौरान महिलाएं अन्य तरह के परिवार नियोजन संसाधनों का प्रयोग करें. इसे मासिक धर्म समाप्त होने के बाद लगाया जा सकता है. यह कार्यक्रम जिला स्वास्थ्य समिति व पीएसआइ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में हुआ. मौके पर एसीएमओ डॉ मनोज कुमार, डीपीएम मणि भूषण झा, जिला गुणवत्ता सलाहकार डॉ प्रशांत, पीएसआइ इंडिया के राज्य प्रतिनिधि मनीष सक्सेना, जिला प्रतिनिधि नवीन राय एवं आयज अशर्फी समेत अन्य कर्मी थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel