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कालीबाड़ी में पारंपरिक तरीके से हुई फलोहारिनी काली पूजा

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कालीबाड़ी में पारंपरिक तरीके से हुई फलोहारिनी काली पूजा

ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर बुधवार को देर रात कालीबाड़ी, मानिक सरकार में फलोहारिनी काली मां की पूजा-अर्चना पारंपरिक तरीके से की गयी. मंदिर कमेटी के महासचिव विलास बागची ने बताया कि मां काली को गर्मी के दिन में खासकर रसदार फलों का भोग लगाया जाता है. मां फलाहार पर रहतीं हैं. इसलिए भोग में फल को प्रधानता दी गयी. हालांकि, बांग्ला समाज की परंपरा के अनुसार खिचड़ी, पांच तरह की भुजिया, सब्जी-खीर आदि व्यंजन का भी भोग लगाया गया. महिलाओं ने कोहड़ा, ईख व केला का बलिदान दिया. इसके बाद महिला भक्तों ने पुष्प अर्पित किया. फिर भोग का वितरण किया गया. पूजन कार्यक्रम में परिमल कंसबनिक, स्नेहेस बागची, रघुनाथ घोष, बाबू मुखर्जी, तापस घोष, रजत मुखर्जी, कंचन सरकार, दीपलेखा घोष, पंपा घोष, सुजाता वनिक, नमिता बागची, भारती सरकार, कविता दास, अनिता चक्रवर्ती, रीता घोष, पार्थो घोष, आदित्य घोष, सुजाता वनिक, राजा चक्रवर्ती, धीरज कुमार, बिट्टू राम, अजंन भट्टाचार्य, अदिति बागची, स्नेहा बनिक, सैयकत घोष आदि उपस्थित थे. महासचिव विलास बागची ने बताया कि पंडित गोपी चटर्जी पूजन कराया. गुरुवार को देर शाम प्रतिमा का विसर्जन कर दिया गया.

बच्चों के लिए सबसे बड़ा भगवान हैं माता-पिता

सनातन भागवत परिवार की ओर से चौथे दिन गुरुवार को टीएनबी कॉलेजिएट परिसर में सुबह हवन-यज्ञ हुआ, तो संध्या में भागवत कथा पर प्रवचन हुआ. कथावाचक नारायण दास महाराज ने भागवत कथा पर प्रवचन किया. उन्होंने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है तो संकल्प लेना जरूरी है. हर बच्चे को अपने माता-पिता की बातों को मानना चाहिए और सबसे बड़ा भगवान माता-पिता ही होता है. जिनके ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है, उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त है. साथ-साथ हरेक माता-पिता को चाहिए कि पुत्र को संस्कारित करें. मुख्य यजमान रंजय कुमार कुंवर थे. मीडिया प्रभारी विशाल कुमार ने बताया कि समाज कल्याण के लिए यह आयोजन कराया जा रहा है. इस मौके पर दयानंद कुमार, अहिल्या देवी, रंजन सिंह,निरंजन सिंह, प्रतिमा देवी व सनातन भागवत परिवार की ओर से सुभाष कुमार सिंह, मुनमुन मालाकार,अमित मिश्रा उपस्थित थे.

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