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Home बिहार भागलपुर पेट्रोल बचाने के लिए सबौर परिसर में इलेक्ट्रिक रिक्शा हुआ अनिवार्य

पेट्रोल बचाने के लिए सबौर परिसर में इलेक्ट्रिक रिक्शा हुआ अनिवार्य

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पेट्रोल बचाने के लिए सबौर परिसर में इलेक्ट्रिक रिक्शा हुआ अनिवार्य

भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट :

भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि और प्रधानमंत्री के आह्वान के प्रभाव के चलते प्रशासन ने कई पर्यावरण और ऊर्जा बचत उपाय शुरू कर दिए हैं. विश्वविद्यालय परिसर में अब कुलपति, प्रोफेसर और अन्य कर्मचारी एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक जाने के लिए इलेक्ट्रिक रिक्शा का उपयोग कर रहे हैं. इसके लिए विवि ने कुल तीन इलेक्ट्रिक रिक्शा खरीदे हैं.

रिक्शा में यात्रा कर रहे कुलपति

कुलपति डॉ डीआर सिंह खुद अपने आवास से इन रिक्शा में यात्रा कर रहे हैं और अन्य कर्मचारियों को भी इसका पालन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब परिसर में किसी भी तरह की वैकिल या कार का उपयोग एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक आने-जाने के लिए नहीं किया जाएगा.

“एक दिन साइकिल, एक दिन पैदल”

कुलपति ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय आने-जाने के लिए एक दिन साइकिल का उपयोग करें, अगले दिन पैदल चलें और यदि बाइक का उपयोग करना आवश्यक है तो एक बाइक पर एक और व्यक्ति के साथ आएं. उनका कहना है कि जब तक पेट्रोल संकट जारी रहेगा, तब तक इलेक्ट्रिक रिक्शा का ही प्रयोग अनिवार्य रहेगा.

पेट्रोल की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस कदम का उद्देश्य न केवल पेट्रोल की बचत करना है, बल्कि परिसर में हरित और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देना भी है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों और छात्रों से उम्मीद है कि वे इस नई व्यवस्था का पूरी तरह पालन करेंगे और ऊर्जा बचत में सहयोग देंगे.

प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होगी पहल

विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न सिर्फ ऊर्जा की बचत करेगा, बल्कि परिसर में प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा. छात्रों और कर्मचारियों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया है और इसे पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है.

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