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दुनिया में पहचान बनाने की नहीं, खुद को पहचानने की सोचें: अलका दीदी

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दुनिया में पहचान बनाने की नहीं, खुद को पहचानने की सोचें: अलका दीदी

श्री दिगंबर जैन मंदिर, कोतवाली चौक में भगवान शांतिनाथ जन्म, तप, एवं निर्वाण तीन कल्याणक महोत्सव का आयोजन एक साथ हुआ. ब्रह्मचरिणी अलका दीदी ने इस मौके पर कहा कि सदैव के लिए दुखों से मुक्ति निर्वाण है. सही समझ के बिना शांति असंभव है. जल्दबाजी हमेशा मूर्खता में गिनी जाती है. ईर्ष्या में जीना अर्थात घुट घुट के मरना है. अधीरता, नकारात्मक सोच को दर्शाती है. जिनके पास दूरदृष्टि नहीं होती,वो ज्यादा आगे पहुंच भीं नहीं पाते हैं. जो पाप के लिए प्रेरित करे,उस से बचना है. दुनिया में पहचान बनाने की नहीं, अपने आप को पहचानने की सोचें. भगवान शांतिनाथ का मंगल शांतिधारा जय कुमार काला तथा निर्वाण लड्डू अर्पण प्रकाश बड़जात्या ने किया. संगीतमय सामूहिक पूजन विश्व शांति कल्याण विधान में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव पूर्वक भाग लिया. राजीव पाटनी ने जन्म एवं तप का मंगल पाठ किया. सज्जन बिनायका ने भजन प्रस्तुत किया. इस मौके पर विजय रारा, पदम पाटनी, सुनील जैन, अशोक पाटनी, पवन गंगवाल, शंकर लाल जैन, सुमंत पाटनी, पप्पू अजमेरा, कमल पाटनी, अजय पाटनी आदि उपस्थित थे. दूसरी और श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र में भगवान शांति नाथ जन्म, तप निर्वाण महोत्सव की उपासना पूरी आस्था निष्ठा एवं भक्ति भाव से की गयी. निर्वाण लाडू कोल्हापुर महाराष्ट्र के बाहुवाली साह ने अर्पण किया. शांति धारा अमित बड़जात्या, कमलेश पाटनी ने किया. कार्यक्रम का संचालन सिद्ध क्षेत्र मंत्री सुनील जैन ने किया और कहा कि विश्व शांति का मूल मंत्र अहिंसा है. प्रात: हुआ यज्ञ, तो संध्या में कथा का आयोजन सनातन भागवत परिवार की ओर से तीसरे दिन बुधवार को टीएनबी कॉलेजिएट परिसर में सुबह हवन-यज्ञ हुआ, तो संध्या में भागवत कथा पर प्रवचन हुआ. कथावाचक नारायण दास महाराज ने भागवत कथा पर प्रवचन किया. मुख्य यजमान रंजय कुमार कुंवर थे. मीडिया प्रभारी विशाल कुमार ने बताया कि समाज कल्याण के लिए यह आयोजन कराया जा रहा है. इस मौके पर दयानंद कुमार, अहिल्या देवी, रंजन सिंह,निरंजन सिंह, प्रतिमा देवी एवं सनातन भागवत परिवार की ओर से सुभाष कुमार सिंह, मुनमुन मालाकार, अमित मिश्रा आदि उपस्थित थे.

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