मुख्य बातें:
सुलतानगंज, भागलपुर से शुभंकर की रिपोर्ट
DM Alankrita Pandey: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के ऐतिहासिक आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाने के उद्देश्य से भागलपुर की नवपदस्थापित जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय मंगलवार को पहली बार सुलतानगंज के मैदानी दौरे पर आ रही हैं. मेला शुरू होने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और अब 30 दिन से भी कम का समय बचा है, ऐसे में जिलाधिकारी का यह औचक निरीक्षण बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी दोपहर ठीक 12:30 बजे सुलतानगंज पहुंचेंगी, जहाँ वे उत्तरवाहिनी गंगा घाट से लेकर मुख्य कच्ची कांवरिया पथ तक का सघन मुआयना करेंगी.
दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा निरीक्षण; अलर्ट मोड पर जिले के सभी आला अधिकारी
जिलाधिकारी के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर सुल्तानगंज से लेकर भागलपुर मुख्यालय तक प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है:
- समीक्षा के मुख्य बिंदु: डीएम अलंकृता पांडेय अपने इस दौरे में मुख्य रूप से नमामि गंगे घाट, अजगैबीनाथ मंदिर परिसर, मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन रोड और बांका सीमा से सटे कच्ची कांवरिया पथ का भौतिक निरीक्षण करेंगी.
- तैयारियों को अंतिम रूप: डीएम के आगमन को देखते हुए नगर परिषद, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), विद्युत, स्वास्थ्य, स्थानीय पुलिस, पथ निर्माण विभाग (RCD) और आपदा प्रबंधन के आला अधिकारी अपने-अपने विभागों की पेंडिंग फाइलों और जमीनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.
इन 8 बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों पर रहेगा जिलाधिकारी का मुख्य फोकस
- कांवरियों का सुरक्षित आवास: सरकारी टेंट सिटी, धर्मशालाओं और सेवा शिविरों की क्षमता व गुणवत्ता.
- पेयजल व स्वच्छता: मेला मार्गों पर अस्थाई चापाकलों, वाटर एटीएम की क्रियाशीलता और चौबीसों घंटे साफ-सफाई.
- रोशनी व विद्युत सुरक्षा: जर्जर और नंगे तारों को कवर्ड केबल में बदलना और रात के समय कांवरिया पथ पर पर्याप्त दूधिया रोशनी.
- ट्रैफिक व जाम से मुक्ति: सुल्तानगंज शहर को भीषण जाम से बचाने के लिए रूट डायवर्जन और नो-एंट्री जोन का निर्धारण.
- मूल्य नियंत्रण: मेला क्षेत्र की दुकानों और होटलों में खाद्य सामग्रियों की रेट लिस्ट (मूल्य सूची) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करवाना ताकि श्रद्धालुओं से ओवररेटिंग न हो.
- घाटों की सुरक्षा: अजगैबीनाथ गंगा घाट पर बैरिकेडिंग, गहरे पानी के संकेतक, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती.
- महिला सुरक्षा: घाटों पर पर्याप्त संख्या में महिला चेंजिंग रूम (कपड़े बदलने के कक्ष) और अस्थाई शौचालयों का निर्माण.
- अपराध नियंत्रण: मेला क्षेत्र और घाटों पर सक्रिय रहने वाले उच्चक्कों और पाकेटमारों पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और सादे लिबास में पुलिस बल की तैनाती. — जिला प्रशासन कोर विंग
DM Alankrita Pandey: कागजी दावों को धरातल पर उतारना बड़ी चुनौती; स्थानीय लोगों को भारी अपेक्षाएं

सुलतानगंज के प्रबुद्ध नागरिकों और पंडा समाज को डीएम के इस पहले दौरे से काफी उम्मीदें हैं. स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि श्रावणी मेला केवल एक प्रशासनिक रूटीन नहीं है, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों शिवभक्तों की अगाध आस्था और बिहार की साख से जुड़ा महापर्व है.
वर्तमान में घाटों पर समतलीकरण और अतिक्रमण की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जिसे देखते हुए डीएम की इस पहली धमक से सुल्तानगंज के विकास कार्यों को नई गति मिलने की पूरी संभावना है. अब देखना यह होगा कि दोपहर 12:30 बजे शुरू होने वाले इस निरीक्षण के बाद सुस्त पड़े महकमों के कामकाज की रफ्तार कितनी तेजी से बदलती है.
