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Home बिहार भागलपुर पर्यावरण संतुलन के लिए धरातलीय व भूगर्भिक जल सुरक्षित रखने की जरूरत

पर्यावरण संतुलन के लिए धरातलीय व भूगर्भिक जल सुरक्षित रखने की जरूरत

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पर्यावरण संतुलन के लिए धरातलीय व भूगर्भिक जल सुरक्षित रखने की जरूरत

जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत भागलपुर प्रमंडलीय सभागार में सूचना व जन संपर्क विभाग द्वारा मंगलवार को परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी अनिल कुमार राय ने की. अभियान के प्रचार-प्रसार के महत्व पर जनसंपर्क के संयुक्त निदेशक नागेंद्र कुमार गुप्ता ने संबोधित किया. उन्होंने दो अक्तूबर, 2019 से चलाये गये इस अभियान के लाभ से अवगत कराया. कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए धरातलीय जल और भूगर्भिक जल को सुरक्षित रखने व बढ़ाने की आवश्यकता को इस अभियान में शामिल किया गया है. इसमें जल संरचनाओं को चिह्नित करना, उन्हें अतिक्रमणमुक्त करवाना, उनका जीर्णोद्धार करना, सार्वजनिक कुआं का जीर्णोद्धार करना, नये जल संरचनाओं का निर्माण करना, चापाकल, कुआं के समीप सोखता का निर्माण, वर्षा जल संचयन संरचना का निर्माण करवाना शामिल है. साथ ही मिट्टी की उर्वरता बनाये रखने के लिए जैविक खेती, वैकल्पिक फसल योजना, टपकन सिंचाई को प्राथमिकता दी गयी है. वन विभाग व मनरेगा द्वारा प्रत्येक वर्ष करोड़ों पौधरोपण किया जा रहा है. इसका परिणाम है कि बिहार का हरित आवरण नौ प्रतिशत से बढ़ कर 16 प्रतिशत पर चला गया है. क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी ने कहा कि अपनी भावी पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए इस अभियान से जुड़ना आवश्यक है. उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को इसे अपनाने व इसका प्रचार-प्रसार करने की अपील की. प्रशाखा पदाधिकारी रघुवीर मंडल ने भी अभियान की उपयोगिता और आवश्यकता पर चर्चा की.

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