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Home बिहार भागलपुर नववर्ष सांस्कृतिक मेला में नृत्य, गीत, नाटक के कार्यक्रम ने लोगों का मन मोहा

नववर्ष सांस्कृतिक मेला में नृत्य, गीत, नाटक के कार्यक्रम ने लोगों का मन मोहा

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नववर्ष सांस्कृतिक मेला में नृत्य, गीत, नाटक के कार्यक्रम ने लोगों का मन मोहा

सांस्कृतिक समन्वय समिति,भागलपुर की ओर से बुधवार को कला केंद्र में नववर्ष सांस्कृतिक मेला में नृत्य, गीत, कविता, गजल की प्रस्तुति की गयी. साथ ही नाटक का मंचन व पेंटिंग की प्रदर्शनी लगायी गयी. साझी संस्कृति, साझी विरासत पर केंद्रित इस आयोजन में 15 संस्थाओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक रूप से बापू के प्रिय भजन ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान से हुई. बच्चों के लिए चित्र, देशभक्ति गीत, खेलकूद आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ. सांस्कृतिक समन्वय समिति के संयोजक उदय ने अतिथियों का स्वागत किया. पीस सेंटर परिधि द्वारा चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें शबनम परवीन, रितिक राज, अंगगराज शिवेश, शबनम कुमार, समर कुमार, अमृतम राज, तृप्ति आनंद, शैलपुत्री कुमारी आदि ने पुरस्कार जीते. अमरपुर, बांका के एक स्कूल के प्राचार्य सुभाष देव के निर्देशन में नृत्य नाटिका की प्रस्तुति तेजस्व, मिथुन, अमरजीत, अंश, शिवांश, अंकुश, शिवम, हर्ष, अभय ने दी. शरण्या नृत्य कला केंद्र द्वारा समूह नृत्य की प्रस्तुति की गयी. समूह नृत्य में अनाया, अमायरा, माही, कियाना, आद्या, ऋषिका, भाव्या ने हिस्सा लिया. वही भरतनाट्यम में पूर्वी, नायरा, एकल राजस्थानी नृत्य में इलेसी करकेट्टा ने खूब तालियां बटोरी. विश्व मधुर द्वारा लड़कियों के रक्षार्थ मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया गया. जनप्रिय के बच्चियों ने बिहार की साझी संस्कृति को समेट नृत्य नाटिका ऐसा है बिहार की शानदार प्रस्तुति की. इप्टा के संजीव कुमार दीपू ने कहा कि आज संस्कृति के नाम पर उन्माद भरने की कोशिश हो रही है, जबकि संस्कृति लोगों को जोड़ता है और वैज्ञानिकता की बात करता है. शशि शंकर ने अपने गीत द्वारा एक सुंदर और क्रांतिकारी समाज की कल्पना की. सफाली युवा क्लब की ओर से देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में साधना कुमारी, शबनम परवीन, मिथुन कुमार और अमरजीत ने पुरस्कार जीता. प्रो फारूक अली, डॉ श्रीकांत मंडल, डॉ सुधीर, डॉ प्रेमचंद पांडे ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया. अंजुमन बाग ओ बाहर द्वारा कविता व मुशायरा का आयोजन डॉ पीसी पांडेय की अध्यक्षता और डॉ हबीब मुर्शिद खान के संचालन में हुआ. कामिनी, पिंकी मिश्रा, जावेद अख्तर, इकराम हुसैन शाद, कपिलदेव कृपाल, भानु झा, अभय कुमार भारती, मृदुल सिंह आदि ने अपनी रचना का पाठ किया. एकता नाट्य मंच के वरिष्ठ रंगकर्मी राजेश कुमार झा द्वारा एकल लोकनाट्य की प्रस्तुति की गयी. गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र द्वारा गांधीजी पर आधारित पोस्ट और पुस्तक की प्रदर्शनी लगायी गयी. दिनकर पुस्तकालय द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी, कला केंद्र द्वारा चित्र और शिल्प प्रदर्शनी लगायी गयी. इसमें मृदुला सिंह, कृषिका गुप्ता, राजीव कुमार सिंह, सत्यम कुमार, अमन सागर, आकांक्षा, जय आदि के चित्र और शिल्प ने लोगों को आकर्षित किया. पूर्ववर्ती छात्र जय कुमार ने लाइफ पोर्ट्रेट बनाया. नव वर्ष मेला में परिधि द्वारा राहुल के निर्देशन में माइम देवी की प्रस्तुति मैं महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा पर प्रहार किया गया. इसमें तमन्ना राठौर, सौरभ कुमार पासवान, मृदुल सिंह और नीलांजना ने अपनी भूमिका से प्रभावित किया. रंगग्राम जन सांस्कृतिक मंच, भागलपुर द्वारा हरिशंकर परसाई की व्यंग्य रचना मैं नर्क से बोल रहा हूं की एकल प्रस्तुति सौरभ कुमार ने की. इस कहानी का निर्देशन कपिलदेव रंग ने किया. मेला में इप्टा, परिधि, कला केंद्र, माध्यम, जनप्रिय, अंजुमन बाग ओ बहार, विश्व मधुर, सफाली युवा क्लब, एकता नाट्य मंच, आलय, मुक्ति निकेतन घोघा, डिवाइन गुरुकुलम अमरपुर, रंग ग्राम, शरण्या नृत्य कला केंद्र, गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र भागलपुर आदि ने प्रमुख रूप से भागीदारी की. इस मौके पर नीना एस प्रसाद, सुषमा, मिथिलेश आनंद, गुलशन, उज्जवल कुमार घोष, प्रो फारूक अली, डॉ श्रीकांत, उज्ज्वल घोष, डॉ चैतन्य प्रकाश, राजेश झा, सुभाष प्रसाद, तकी अहमद जावेद, हबीब मुर्शीद खान, जयप्रकाश कुमार, जावेद अख्तर, काफिया कामिनी, गौतम मल्लाह, फनी चंद्र सिंह, मनोज कुमार, सृति सुरभि, सुनील कुमार रंग, डॉ सुधीर कुमार मंडल, डॉ संतोष ठाकुर आदि उपस्थित थे.

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