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Home बिहार भागलपुर भागलपुर में गेस्ट फैकल्टी टीचर की संदिग्ध मौत, बंद कमरे में मिला शव, मिले उल्टी के निशान

भागलपुर में गेस्ट फैकल्टी टीचर की संदिग्ध मौत, बंद कमरे में मिला शव, मिले उल्टी के निशान

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भागलपुर में गेस्ट फैकल्टी टीचर की संदिग्ध मौत, बंद कमरे में मिला शव, मिले उल्टी के निशान
घटनास्थल पर मौजूद लोग

Bhagalpur Teacher Death, मनोज कुमार: बिहार के भागलपुर जिले में गेस्ट फैकल्टी टीचर राकेश कुमार की संदिग्ध हालात में मौत हो गई. राकेश कुमार खरीक थाना के अंबो गांव के रहने वाले थे और टीएनबी कॉलेज में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर पढ़ाते थे. पिछले करीब तीन साल से वह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के परवती इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे.

मकान मालिक प्रदीप कुमार मंडल के अनुसार ने बताया कि राकेश ज्यादातर समय अपने कमरे में ही पढ़ाई और अकादमिक काम में लगे रहते थे. घटना वाले दिन उनके परिवार की एक सदस्य (सलहज) ने मकान मालिक को फोन कर बताया कि राकेश काफी देर से फोन नहीं उठा रहे हैं.

आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला

इसके बाद जब मकान मालिक कमरे के पास पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो दरवाजा खोलकर देखा गया. अंदर का नजारा देख सभी हैरान रह गए. राकेश कुमार मृत पड़े थे.

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असली वजह साफ नहीं

कमरे में उल्टी के निशान भी मिले हैं, जिससे यह शक जताया जा रहा है कि उनकी मौत किसी बीमारी या अन्य कारण से हो सकती है. असली वजह अभी साफ नहीं है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी. फिलहाल इस घटना से इलाके में डर और चर्चा का माहौल बना हुआ है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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