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पांच गरुड़ व एक कछुआ को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया

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पांच गरुड़ व एक कछुआ को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया

अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2024 पर बुधवार को वन प्रमंडल पदाधिकारी भागलपुर श्वेता कुमारी की उपस्थिति में एक इंडियन फ्लैप सेल कछुआ, दो लेसर व तीन ग्रेटर एजुटेंट समेत पांच एजुटेंड यानी गरुड़ को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया. वहीं किलकारी बाल भवन में बच्चों द्वारा 100 पौधे लगाये गये. लोगों को जैव विविधता की जानकारी दी गयी. इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में वन प्रमंडल पदाधिकारी ने कहा कि जैव विविधता मनुष्य को व्यापक लाभ प्रदान करती है. इसके अलावा स्वस्थ और विविध पारिस्थितिकी तंत्र वायु और जल शुद्धीकरण, जलवायु विनियमन और बाढ़ की रोकथाम में भी योगदान देते हैं. दुर्भाग्य से जैव विविधता कई कारणों से संकट में है. इनमें वनों की कटाई, प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, आवास विनाश और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हैं. इन घटनाओं को अगर नियंत्रित नहीं किया गया तो पारिस्थितिकी तंत्र और उनमें मौजूद जीवों की विविधता को नुकसान हो सकता है. इसलिए पर्यावरणीय स्थिरता और हमारे ग्रह के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए जैव विविधता का संरक्षण प्राथमिकता होनी चाहिए. मौके पर रेंज ऑफिसर राजेश कुमार, पशु चिकित्सा पदाधिकारी संजीत कुमार, पक्षी विशेषज्ञ अरविंद मिश्रा, रूपेश कुमार सिंह, वनरक्षी उत्तम कुमार, मुमताज, डॉल्फिन मित्र योगेंद्र महलदार, महेंद्र महलदार, विशुन महलदार, राजेन्द्र महलदार, गोरे महलदार, संतोष महलदार, अर्जुन महलदार, सौरव आदि मौजूद थे.

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