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पर्यावरण दिवस से शुरू होगा बर्ड एटलस के लिए सर्वेक्षण

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पर्यावरण दिवस से शुरू होगा बर्ड एटलस के लिए सर्वेक्षण

– जिले के किस इलाके में कौन से पक्षी निवास करते हैं, इसकी जानकारी दर्ज होगी वरीय संवाददाता, भागलपुर भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से जिले का बर्ड एटलस तैयार किया जायेगा. किस शहर, प्रखंड, पंचायत व गांव में कौन-कौन से स्थानीय व प्रवासी पक्षी रहते है, इस एटलस में इसकी चर्चा की जायेगी. प्रमंडलीय वन पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने बताया कि पांच जून को पर्यावरण दिवस के दिन बर्ड एटलस को तैयार करने के लिए सर्वेक्षण शुरू होगा. इसके लिए टीम का गठन कर दिया गया है. यह प्रक्रिया अगले तीन वर्ष तक जारी रहेगी. इसमें बांबे नेचुरल हिस्ट सोसायटी समेत पक्षी विशेषज्ञों, पर्यावरण व पक्षी प्रेमियों की मदद ली जायेगी. बता दें कि भागलपुर शहर समेत पूरे जिले में लगातार बढ़ रही मानवीय गतिविधियों के कारण चिड़ियों की चहचहाहट में काफी कम हो गयी है. कभी गौरैया, मैना, नीलकंठ, पड़ोकी या वन कबूतर, कठफोड़वा, चील समेत अन्य स्थानीय पक्षी झुंड में जहां तहां दिखायी देते थे. अब शहरी क्षेत्र से पक्षियों के हो रहे पलायन की मुख्य वजह जानने की तैयारी चल रही है. सर्वे में टीम के सदस्य शहर के मकानों, क्वार्टर, बहुमंजिला इमारतें, गंगा व कोसी समेत अन्य नदी तट व तालाब, खेतों, उद्यान, जलाशयों में पक्षियों की गतिविधियों को देखेंगे. इसमें हर 15 मिनट में कितनी चिड़ियों दिखती है, इस आधार पर रिपोर्ट तैयार होगा. एटलस में जिले में क्षेत्रवार निवास करते वाले पक्षियों का डाटा तैयार होगा. वहीं पक्षियों की संख्या कम होने वाली गतिविधियों को रोका जायेगा. हर साल दो बार सर्वे होगा. बर्ड एटलस में भागलपुर को कई ग्रिड या सेल में बांटा गया है. इसमें जिले में किस-किस क्षेत्र में कैसे-कैसे पक्षी रहते हैं. कहां पर ज्यादा कहां पर कम हैं, इसकी रिपोर्ट तैयार होगी. एटलस को नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर जारी किया जायेगा. जिले में 300 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी पाये जाते हैं. इनमें प्रवासी पक्षियों की 110-115 प्रजाति हैं.

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