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एड्स से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे ज्यादा जरूरी

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एड्स से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे ज्यादा जरूरी

जिले में विश्व एड्स दिवस पर रविवार को सामाजिक व स्वास्थ्य से जुड़े संगठनों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम हुआ. चिकित्सकों व विशेषज्ञों ने लोगों को रोग से बचाव को लेकर जागरूक किया. एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन आफ इंडिया भागलपुर ब्रांच की ओर से कार्यक्रम हुआ. वरीय चिकित्सक डॉ डीपी सिंह, डॉ आरपी जायसवाल, डॉ मनीष कुमार, डॉ विजय कृष्ण ने हिस्सा लिया. डॉ डीपी सिंह ने कहा कि एड्स से बचाव के प्रति जागरूकता ही समाज को उत्तम स्वास्थ्य का वरदान प्रदान कर सकती है. जागरूकता सबसे ज्यादा जरूरी है. विश्व एड्स दिवस संदेश देता है कि संयम, अनुशासन और रोग के प्रति सतर्कता से जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है.

डॉ मनीष कुमार ने कहा कि देश में 3.14 मिलियन लोग इस रोग के शिकार हैं. विश्व में भारत इस रोग के मामले में तीसरे स्थान पर है. देश में सबसे पहले इस रोग का शिकार 1986 में चेन्नई की महिला यौनकर्मी हुई थी. एचआईवी संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, असुरक्षित इंजेक्शन लगाने वाली नशीली दवाओं के इस्तेमाल समेत दूसरी वजह से होते हैं. एचआईवी से संक्रमित होने के कुछ सप्ताह के अंदर फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इसमें बुखार, गला खराब, कमजोरी समेत अन्य लक्षण शामिल हैं.

सीएससी सेंटर से निकाली गयी जागरूकता रैली

वहीं सीएससी सेंटर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज अस्पताल में संचालित एआरटी सेंटर के चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ केशरी, डॉ सोमेन चटर्जी एवं डॉ डीपी सिंह शामिल हुए. सीएससी के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर पूजा कुमारी के नेतृत्व में सेंटर से प्रभात फेरी सह जागरूकता रैली निकाली गयी. यह रैली जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल मायागंज तक पहुंच पूरी हुई. सेंटर की ओर से एचआईवी मरीजों के बीच स्टेशनरी सामग्री का वितरण किया गया. इस दौरान इस बीमारी की जानकारी दी गयी और बचाव को लेकर जागरूक किया गया. इस मौके पर अश्वनी कुमार आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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