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Home बिहार भागलपुर Bhagalpur News. एआई एल्गोरिदम और डेटा पूंजीवाद : डिजिटल युग में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए नयी चुनौती

Bhagalpur News. एआई एल्गोरिदम और डेटा पूंजीवाद : डिजिटल युग में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए नयी चुनौती

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आज के डिजिटल युग में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि आर्थिक और राजनीतिक शक्ति का नया केंद्र बन चुकी है. इसी गंभीर विषय पर मारवाड़ी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा एआई – मध्यस्थित सोशल मीडिया की राजनीतिक अर्थव्यवस्था विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रो संजय कुमार झा, मुख्य वक्ता डॉ आरुषि कालरा और विभागाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

हमारे विचारों को नियंत्रित कर रहा सोशल मीडिया

डॉ आरुषि कालरा (पीएचडी, ब्राउन यूनिवर्सिटी) ने अपने संबोधन में एआई-आधारित एल्गोरिदम की गहरी पड़ताल की. उन्होंने बताया कि किस प्रकार डेटा-आधारित पूंजीवाद के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स हमारी पसंद, विचार और व्यवहार को नियंत्रित कर रहे हैं. डॉ कालरा के अनुसार एआई एल्गोरिदम आज हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं. ये डिजिटल प्लेटफॉर्म अब केवल संचार के साधन मात्र नहीं रह गये हैं.

नीति-निर्माण और डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता

प्रो संजय कुमार झा ने तकनीक के साथ नैतिकता और पारदर्शिता को जोड़ने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि एआई-मीडियाटेड दौर में डिजिटल साक्षरता अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ता यह समझ सकें कि उनके विचारों को किस प्रकार के कंटेंट से प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने एक संतुलित डिजिटल वातावरण के लिए ठोस नीति-निर्माण का आह्वान किया.

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज गंभीर चुनौती

विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ आनंद कुमार पांडेय और डॉ प्रत्याशा त्रिपाठी ने भी एआई के तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला. चर्चा में यह बात उभर कर आयी कि आज सोशल मीडिया हमारा उपयोग कर रहा है. जहां एआई ने सूचना प्रसार को तीव्र किया है, वहीं फेक न्यूज और भ्रामक सामग्री समाज के लिए गंभीर चुनौती बन गयी है. विशेषज्ञों ने छात्रों में क्रिटिकल थिंकिंग (आलोचनात्मक सोच) विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे एआई के दुष्प्रभावों से बच सकें. विभागाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार मिश्रा ने स्वागत भाषण में युवाओं की डिजिटल निर्भरता और रोजगार के अंतर्संबंधों को रेखांकित किया. कार्यक्रम का संचालन अदिति प्रिया, डॉ श्वेता और छात्राओं जैस्मिन व शिवानी द्वारा किया गया. अंत में डॉ संजय कुमार जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. इस मौके पर छात्र-छात्रा अनुषा, दिया वर्मा, अभिनव, राजीव, अंकित, अनिशा, साकरिन, काजल, राकेश आदि मौजूद थे.

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