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वीटीआर में बढ़ी शाकाहारी समेत मांसाहारी जानवरों की तादाद

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वीटीआर में बढ़ी शाकाहारी समेत मांसाहारी जानवरों की तादाद

वाल्मीकिनगर. पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर में पर्यटन की दृष्टिकोण से आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के क्रम में वन्यजीवों के खुले वातावरण में प्रत्यक्ष दीदार के सपने को लेकर आते हैं. जो अब वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगलों में तेजी से बढ़ रहे शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों के कारण पूरी हो रही है. बताते चलें कि वीटीआर के जंगलों में नई गणना के मुताबिक लगभग 54 बाघों के होने का अनुमान है. जबकि उनके साथ उनके शावक भी इस संख्या को और बढ़ा रहे हैं. जिस कारण वाल्मीकिनगर में भ्रमण के उद्देश्य आने वाले पर्यटकों को जंगल सफारी के क्रम में और वन विभाग के जंगल कैंप, वाल्मीकि विहार होटल, बंबू हट आदि में ठहरने वाले टूरिस्ट देर शाम वन्यजीवों खासकर तेंदुआ, भालू, हिरण व बंदर का दीदार भी कर लेते हैं. पर्यटकों को जंगल सफारी के क्रम में जंगल की शान बाघ के भी दीदार हो रहे हैं. पर्यटन नगरी के नाम से मशहूर है वाल्मीकि की तपोस्थली बता दें कि टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल दो के पर्यटन नगरी के नाम से मशहूर उत्तर बिहार का गौरव जो महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली पर स्थित है. वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. यहां की प्राकृतिक सुंदरता उनको बरबस अपनी तरफ खिंचती है. पड़ोसी देश नेपाल में सर उठाए खड़ा हरा भरा पहाड़, कल, कल कर बहती नारायणी, गंडक बराज के अलावा वन क्षेत्र में प्राचीन काल से स्थापित आस्था के महा केंद्र में शामिल कई मंदिर भी हैं, जो पर्यटकों को बार-बार वाल्मीकिनगर आने पर मजबूर कर रही है. बता दें कि शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों की टाइगर रिजर्व में बढ़ती तादाद के कारण वाल्मीकिनगर आने वाले पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों को भी वन क्षेत्र से सटे मार्गों पर आए दिन भालू तेंदुआ हिरण और बंदर के आसानी से दीदार हो रहे हैं. इन वन्यजीवों को देखकर पर्यटकों में काफी रोमांच देखने को मिल रहा है. बोले वन क्षेत्र पदाधिकारी इस बाबत पूछे जाने पर वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र पदाधिकारी राजकुमार पासवान ने दूरभाष पर बताया कि वन क्षेत्र में शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों की संख्या में आशातीत वृद्धि हुई है. वन प्रशासन वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता मानता है. पर्यटकों को सफारी के क्रम में वन्यजीवों का दीदार हो रहा है जो सुखद है.

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