बेतिया. बेतिया राज में बीते तीन दशक के दौरान इसकी खजाने, शीशमहल, तहखाने, राज कचहरी स्थित ऐतिहासिक घड़ी, परिसर की तोपें समेत विभिन्न परिसंपत्तियों की लगातार चोरियों से सबक लेकर बिहार सरकार के राजस्व विभाग ने इसकी संरक्षण की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है. इस क्रम में कोट्स ऑफ़ वार्ड्स के अधीन बिहार सरकार के राजस्व पार्षद ने बेतिया राज की परिसंपत्तियों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. सर्वप्रथम बेतिया राज के संरक्षण समिति तमाम व्यवस्थाओं को हाईटेक करने की कवायद शुरू है. इस क्रम में बेतिया राज्य की तमाम परिसंपत्तियों, धरोहरों और पुरातात्विक महत्व के वस्तुओं की सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे के जरिए की जाएगी. इसके लिए बेतिया राज ड्योढी परिसर के चप्पे चप्पे में चिन्हित स्थल पर सीसीटीवी के माध्यम से निगहबानी की जाएगी. खासकर बेतिया राज के तमाम महलों, राज महल, शीशमहल राज कचहरी, तहखानों, भवानी मंडप, राज प्रबंधक आवास समेत तमाम संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे इसके अतिरिक्त बेतिया राज देवी से जुड़ी चारों दिशाओं की सड़कों के प्रवेश द्वार और राज कचहरी के चारों दिशाओं को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जायेगा. ताकि कमरों के माध्यम से दिन और रात आने-जाने वालों पर नजर रखी जा सके. इसी तरह बेतिया राज और इसके परिसर में जगह जगह हाई मास्क लाइट भी लगाए जाएंगे, ताकि रात में भी राज ड्योढी में प्रवेश करने वालों के चेहरे साफ दृष्टिगोचर हो सके. इतना ही नहीं राज परिसर स्थित महलों के अलावा अन्य धरोहरों के पास सुरक्षा को लेकर प्रहरियों की तैनाती की जाएगी. वही बेतिया राज की भूमि, मकानों और अन्य धरोहरों और पुरातात्विक महत्व के स्थलों के कागजातों को डिजीटिलाइजेशन की जायेगी. साथ ही बेतिया राज की कुल भूमि, अतिक्रमित भूमि, मकानों और राजस्व वसूली संबंधी मामलों को हाईटेक किया जाएगा.