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Home बिहार बेतिया स्नातकोत्तर के छात्रों पर नवाचार शोध से कृषि को समृद्ध करने की जिम्मेदारी : प्रो अभय

स्नातकोत्तर के छात्रों पर नवाचार शोध से कृषि को समृद्ध करने की जिम्मेदारी : प्रो अभय

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स्नातकोत्तर के छात्रों पर नवाचार शोध से कृषि को समृद्ध करने की जिम्मेदारी : प्रो अभय

बेतिया. राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय में रसायनशास्त्र विभाग स्नातकोत्तर कक्षा के करीब तीन दर्जन छात्र छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण का कार्यक्रम गुरुवार आयोजित किया गया. प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को रवाना करते वक्त प्राचार्य प्रो.(डॉ) अभय कुमार ने उनका पुरजोर उत्साह वर्द्धन किया. उन्होंने कहा कि अपना भारत वर्ष एक कृषि प्रधान देश होने के बावजूद वैज्ञानिक खेती से कोसों दूर है. ऐसे में आप हमारे स्नातकोत्तर कक्षा के विद्यार्थियों पर अपने उम्दा अध्ययन और शोधजनित नवाचार से कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाना है. वहीं कॉलेज की रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा लाल और प्राध्यापक डॉ. प्रकाश कुमार राय के मृदा परीक्षण प्रयोगशाला मृदा परीक्षण के सहायक निदेशक अमित कुमार के साथ प्रतिभागी छात्र-छात्राओं की मिट्टी जांच की जरूरत और महत्ता को विस्तार से रेखांकित किया. उन्होंने मृदा (मिट्टी) संरक्षण से संबंधित 12 पैरामीटर तथा 17 आवश्यक तत्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा लाल ने सफल शैक्षिक भ्रमण के समापन पर आज के अध्ययन विषय को पुनः स्मारित कराते हुए बताया कि आप सबने आज समझा है कि किसी भी मिट्टी का परीक्षण उसके ””””पीएच”””” के आधार पर किया जाता है. मिट्टी का पीएच मान ही उसकी अम्लता या क्षारीयता को दर्शाता है. सामान्यत: किसी मिट्टी का पी एच मान 6.0 से 7.0 के बीच होता है. जिसमें विभिन्न रसायनिक तत्व जरूरी होते हैं जैसे नाइट्रोजन, मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा पौधों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसकी कमी से पौधों का विकास प्रभावित होता है.उसी प्रकार फॉस्फोरस पौधों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है. इसकी कमी से पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है. वही पोटैशियम पौधों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है. इसकी कमी से भी पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है. इसी प्रकार कैल्शियम मिट्टी की संरचना को बनाए रखने में मदद करता है और पौधों के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही मैग्नीशियम पौधों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है.इसकी कमी से पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है.कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ.स्निग्धा लाल के द्वारा मिट्टी के उपरोक्त रसायनिक विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन्हीं अवयवों की जांच के अलावा, मिट्टी जांच में मिट्टी की संरचना, जल धारण क्षमता, और जैविक पदार्थों की मात्रा की भी जांच की जाती है. आयोजन में प्राध्यापक डॉ.दिग्विजय प्रसाद यादव डॉ. नागेश प्रसाद डॉ. राकेश कुमार राय, डॉ. रणवीर कुमार, डॉ. लालजी प्रसाद तथा सहायक धनंजय प्रसाद, अरविंद पांडेय की सहभागिता रही.

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