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Home बिहार बेतिया 156 संकुल संसाधन केंद्रों में बच्चों के क्रिएटिव कार्यों की राशि खर्च नहीं, बिफरीं डीपीओ

156 संकुल संसाधन केंद्रों में बच्चों के क्रिएटिव कार्यों की राशि खर्च नहीं, बिफरीं डीपीओ

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156 संकुल संसाधन केंद्रों में बच्चों के क्रिएटिव कार्यों की राशि खर्च नहीं, बिफरीं डीपीओ

बेतिया. जिला शिक्षा कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को समग्र शिक्षा अभियान एवं माध्यमिक शिक्षा की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) गार्गी कुमारी ने जिले के 303 संकुल संसाधन केंद्रों के संकुल स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में यह बात सामने आई कि 156 संकूलों में बच्चों के रचनात्मक विकास के लिए आवंटित राशि अब तक खर्च नहीं की गई है. इसे लेकर डीपीओ ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित संयोजक और समन्वयक को चेतावनी देते हुए माह के अंत तक इसे लागू करने का निर्देश दिया. डीपीओ ने बताया कि ट्यूनिंग ऑफ स्कूल, इको क्लब, पुस्तकालय विकास, विज्ञान गतिविधि, कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई मदों में राशि पहले ही उपलब्ध करा दी गई है, इसके बावजूद कई विद्यालयों में गतिविधियां शुरू तक नहीं की गई हैं. यह लापरवाही सीधे तौर पर बच्चों के हितों को प्रभावित कर रही है. डीपीओ ने कहा कि यह योजना केवल कागजों पर दिखाने के लिए नहीं है, बल्कि बच्चों को रचनात्मक, पर्यावरण के प्रति जागरूक और नवाचार से जोड़ने का माध्यम है. यदि समय रहते इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ तो संबंधित पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी. बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि हर स्कूल में सक्रिय इको क्लब गठित हो, नियमित रूप से पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हों तथा पुस्तकालयों में नई किताबें बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जाएं. ट्यूनिंग ऑफ स्कूल” के अंतर्गत स्कूल परिसर को आकर्षक, बाल-अनुकूल और सीखने के लिए प्रेरक बनाने पर विशेष जोर दिया गया. संकुल पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर गतिविधियों की निगरानी करने और मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया. बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संकुल पदाधिकारी जनवरी माह के अंत तक अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में सभी गतिविधियां प्रारंभ कराना सुनिश्चित करें और खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर कार्यालय में जमा करें.

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