बेतिया. उदयपुर सरेयमान में इस वर्ष इको पर्यटन की शुरुआत हो जाएगी. इको पर्यटन से जुड़े 40 लाख की योजना की स्वीकृति राज्य सरकार ने पहले ही दे दी है. सबकुछ ठीक ठाक रहा तो पर्यटन की शुरुआत इस वर्ष सितंबर माह से शुरू हो जाएगी. पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले इस जगह को अब तक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित नहीं किया गया था. उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से पर्यटन की दिशा में इस पहल से यहां आए हुए पर्यटक अब रंग-बिरंगी पक्षियों का दीदार तो करेंगे हीं वनस्पति महत्व के कई तरह के पौधों को भी देखेंगे. झील में मोटर वोट से सैर कर वन की सुंदरता और वन प्राणियों से रूबरू होंगे. वन विभाग इस क्षेत्र में तेजी से काम शुरू कर दिया है. सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. झील की सफाई की जा रही है. चिल्ड्रेन पार्क बनाने की शुरुआत हो रही है. कन्वेंशन सेंटर को बनाने की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है. यह इलाका पूर्ण रूप से बाहरी कोलाहल एवं हस्तक्षेप से दूर रहे, इसके लिये संरक्षित क्षेत्र से ऊपर गुजरनेवाली बिजली के तारों को हटवा दिया गया है. डीएफओ आतिश कुमार ने बताया कि पहले चरण में जिन योजनाओं की शुरुआत की जानेवाली है, उससे कई क्षेत्र में रोजगार मिलेंगे. वाल्मीकि ब्याघ्र परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. नेशा मणि की मानें तो सरेया मन की सुबह और शाम अनोखा परिदृश्य उत्पन्न करता है. सुबह और शाम में सूर्य की किरणों संग यह प्राकृतिक इंद्रधनुषी सौंदर्य बिखेरता है. यह पहल नि:संदेह पर्यटकों को आकर्षित करेगा.