बेतिया: 49 पंचायतों में खुले सार्वजनिक पुस्तकालय, अब गांव में ही होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

Bettiah Public Library: अब पश्चिम चंपारण के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जिला परिषद ने गांवों में 49 सार्वजनिक पुस्तकालय शुरू किए हैं, जहां मुफ्त में करीब 1200 किताबें, पढ़ने की बेहतर व्यवस्था और शांत माहौल मिलेगा.

By Aniket Kumar | July 1, 2026 9:28 AM

बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट

Bettiah Public Library: जिले की 49 पंचायतों और ग्रामीण संस्थानों में इन पुस्तकालयों की स्थापना की गई है. यहां छात्र-छात्राओं को NCERT की किताबों के साथ BPSC, UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पुस्तकें एक ही जगह उपलब्ध होंगी.

किन जगहों पर बने पुस्तकालय?

  • थरुहट महाविद्यालय हरनाटांड
  • पंचायत सरकार भवन दक्षिण तेलुआ
  • उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंडिलपुर
  • विभिन्न पंचायत सरकार भवन
  • ग्रामीण विद्यालय

हर लाइब्रेरी में क्या मिलेगा?

  • 1200 से अधिक पुस्तकें
  • NCERT की किताबें
  • BPSC, UPSC, SSC, रेलवे समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री
  • बुक शेल्फ
  • पढ़ने के लिए टेबल-कुर्सियां
  • पंखे
  • पर्याप्त रोशनी

गांव के छात्रों के लिए क्यों खास हैं ये पुस्तकालय?

ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें, शांत माहौल और बेहतर अध्ययन संसाधन आसानी से नहीं मिल पाते. ऐसे में ये सार्वजनिक पुस्तकालय उनके लिए बड़ी राहत साबित होंगे. यहां छात्र-छात्राओं को NCERT की किताबों के साथ BPSC, UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पुस्तकें एक ही जगह उपलब्ध होंगी. इससे उन्हें महंगी किताबें खरीदने या पढ़ाई के लिए शहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी. साथ ही, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन और स्व-अध्ययन की बेहतर सुविधा भी मिलेगी.

प्रतियोगी छात्रों और स्कूली बच्चों को मिलेगा फायदा

ग्रामीण इलाकों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए यह पहल काफी उपयोगी साबित होगी. अब उन्हें अध्ययन सामग्री और शांत माहौल के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा.

सामाजिक जुड़ाव का भी केंद्र बनेंगे पुस्तकालय

जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सह डीडीसी काजले बैभव नितिन ने कहा कि पुस्तकालय केवल पढ़ाई की जगह नहीं होंगे, बल्कि गांव के लोगों के लिए ज्ञान और जानकारी साझा करने का केंद्र भी बनेंगे. इससे बच्चों और युवाओं में पढ़ने की आदत बढ़ेगी.

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