एनओसी नहीं मिली तो रुक गया पुल निर्माण, बेतिया की सड़क परियोजना लगा ग्रहण
Bettiah Bridge Construction: पश्चिम चंपारण के बेतिया में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बनने वाले दो एचएल आरसीसी पुल वन एवं जल संसाधन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण अटके हैं. इससे परियोजना में छह माह तक की देरी की आशंका जताई गई है.
Bettiah Bridge Construction: पश्चिम चंपारण जिले में सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना के तहत बनने वाले दो महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है. इसकी वजह वन एवं जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलना बताया जा रहा है. इससे परियोजना के तय समय पर पूरा होने पर सवाल खड़े हो गए हैं.
दो जर्जर पुलों की जगह बनने हैं नए आरसीसी पुल
पथ निर्माण विभाग के अनुसार छोटकी पट्टी-बड़गांव-कदमहवा-खैर पोखरा-बरवा-बैराठी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का कार्य चल रहा है.
इस परियोजना के तहत दो पुराने और संकीर्ण पुलों को हटाकर उनकी जगह 3×12 मीटर के हाई लेवल आरसीसी (HL RCC) पुल बनाए जाने हैं.
| स्थान | प्रस्तावित निर्माण |
|---|---|
| त्रिवेणी कैनाल (आरडी-130), चेनज 11+650 | 3×12 मीटर एचएल आरसीसी पुल |
| दोन कैनाल (आरडी-123), चेनज 17+000 | 3×12 मीटर एचएल आरसीसी पुल |
एनओसी नहीं मिलने से छह महीने तक बढ़ सकती है परियोजना
पथ प्रमंडल, बेतिया के कार्यपालक अभियंता ने मुख्य अभियंता, सिंचाई (जल संसाधन विभाग), मोतिहारी को पत्र भेजकर जल्द तकनीकी सहमति देने का अनुरोध किया है.
पत्र में कहा गया है कि एनओसी लंबित रहने के कारण पुल निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है. यदि जल्द अनुमति नहीं मिली तो पूरी परियोजना लगभग छह माह तक विलंबित हो सकती है.
सरकार पर बढ़ सकता है अतिरिक्त वित्तीय बोझ
विभाग का कहना है कि निर्माण में देरी होने पर संवेदक को प्राइस एस्केलेशन सहित अन्य मदों में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है. इससे सरकार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है.
इसी कारण जल संसाधन विभाग से जल्द तकनीकी स्वीकृति देने का आग्रह किया गया है.
पहले ही भेजे जा चुके हैं सभी दस्तावेज
कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में बताया है कि परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक विवरण और निर्धारित प्रपत्र पहले ही त्रिवेणी नहर प्रमंडल, नरकटियागंज तथा दोन नहर प्रमंडल, रामनगर के कार्यपालक अभियंताओं को उपलब्ध करा दिए गए हैं.
इसके अलावा मामले की जानकारी तिरहुत नहर अंचल, मोतिहारी के अधीक्षण अभियंता तथा पश्चिम चंपारण के जिला पदाधिकारी को भी भेजी जा चुकी है.
अब विभाग को उम्मीद है कि तकनीकी सहमति मिलने के बाद दोनों पुलों का निर्माण कार्य शुरू होगा और सड़क चौड़ीकरण परियोजना को समय पर पूरा करने की दिशा में गति मिलेगी.
