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जानलेवा हमले में तीन दोषियों को चार-चार साल सश्रम कारावास की सजा

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जानलेवा हमले में तीन दोषियों को चार-चार साल सश्रम कारावास की सजा

बेगूसराय. जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने जानलेवा हमला मामले से जुङी मामले शाम्हो थाना कांड संख्या 11/20 के आरोपित शाम्हो थाना के जगनसैदपुर निवासी अजय विंद, संजय विंद, किरानी विंद उर्फ किरण विंद को भारतीय दंड विधान की धारा 307, 323, और 147 में दोषी घोषित किया. सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद तीनों आरोपित को 4 साल सश्रम कारावास एवं 4000 अर्थ दंड की सजा सुनाई गयी. अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने कुल 7 गवाहों की गवाही कराई. अभियोजन ने गवाह कारे लाल बिंद, विपिन बिंद, काला देवी, कौशल्या देवी, राम सागर बिंद, एएनएम हीरा कुमारी, अनुसंधानकर्ता रामप्रवेश सिंह की गवाही कराई जिसने केस का रुख मोड़ दिया. आरोपित ने धारा 313 के बयान में भी सिर्फ यही कहा कि हम निर्दोष है. आरोपित अपने बचाव में कुछ नहीं कहा कि उसे मुकदमा में क्यों फंसाया गया है. आपको बता दे की जख्मी कौशल्या देवी का जख्म प्रतिवेदन शाम्हो प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉ आस्तिक प्रसाद सिंह में बनाई थी परंतु उनकी मौत हो गई जिस कारण वह न्यायालय में गवाही देने नहीं आए परंतु उनके जख्म प्रतिवेदन के समर्थन में एएनएम हीरा कुमारी न्यायालय में उपस्थित होकर डॉ आस्तिक प्रसाद सिंह के हस्ताक्षर को पहचाना. सूचक की ओर से अधिवक्ता सुभाष प्रसाद सिन्हा ने सूचक का पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा. आरोपित पर आरोप है कि 26 मार्च 2020 को 3:15 बजे दिन में आरोपित ट्रैक्टर से मिट्टी गिरा रहा था. जिसमें ट्रैक्टर से सूचक के गोयठा (उपला) को चिप कर बर्बाद कर दिया. सूचक की पत्नी और बेटी कौशल्या देवी ने आरोपित को मना किया तो सभी आरोपित ने ईट और लाठी से मारपीट कर सूचक की बेटी कौशल्या देवी का सर फाड़ दिया जिसमें कौशल्या देवी बेहोश होकर गिर पङी.

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