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स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत : सर्वेश कुमार

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स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत : सर्वेश कुमार

बेगूसराय.

स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने की युवाओं को जरूरत है, यह समय की मांग भी है़ इसके लिए युवाओं को लेना होगा दृढ़ संकल्प और करनी होगी कड़ी मेहनत. उक्त बातें बिहार विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार ने गंगा ग्लोबल बीएड कालेज में स्वामी विवेकानंद जी की 162वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह व तीन दिवसीय युवा उत्सव के समापन के अवसर पर संबोधित करते हुए कही. प्रभारी प्राचार्य परवेज यूसुफ ने प्रशिक्षुओं से कहा कि युवा वर्तमान है और बच्चे भविष्य. हमें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से प्रेरणा लेकर दोनों को संवारने और कौशलों से समृद्ध करने की ज़रूरत है ताकि वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकें.

समारोह में प्रो विपिन कुमार ने स्वामी विवेकानंद जी विचारों से प्रशिक्षुओं को अवगत कराया. प्रो सुधाकर पांडेय ने युवाओं को शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. डॉ कामायनी कुमारी ने प्रशिक्षुओं से कहा कि आप भी युवा हैं हमें अपने लक्ष्य के लिए अपनी कमजोरियों को दूर करना होगा. डॉ अंजली ने स्वामी विवेकानंद जी विचारों को आत्मसात करने तथा उसे जीवन में उतारने को कहा. समारोह को डॉ अविनाश कुमार, प्रो. कुंदन कुमार तथा डॉ राजवंत सिंह ने भी संबोधित किया. प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भावी शिक्षकों का महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने प्रतियोगिता के माध्यम से उनके हुनर का मूल्यांकन किया. निर्णायक मंडल के अनुसार कहानी लेखन प्रतियोगिता में प्रथम कन्हैया कुमार, द्वितीय रौशन कुमार और तृतीय मिसा कुमारी रही जबकि कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम प्रीति कुमारी, द्वितीय- मेघना कुमारी तथा तृतीय- सितम कुमारी, लघु नाटक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त नाटक सफलता की क़ीमत, द्वितीय स्थान प्राप्त नाटक संस्कार द इंडियन मोरल वैल्यू तथा तृतीय स्थान प्राप्त नाटक सोशल मीडिया का प्रभाव, चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम- सौरभ कुमार, द्वितीय- मेघना कुमारी तथा तृतीय स्थान स्नेहा भारती, समूह लोकगीत में प्रथम प्रिया कुमारी व साथी, द्वितीय अंजली कुमारी व साथी तथा तृतीय मेघना कुमारी व साथी, सुगम संगीत एकल में प्रथम प्रिया कुमारी, द्वितीय- आरती कुमारी तथा तृतीय अनामिका कुमारी, पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन में प्रथम- रौशन कुमार, द्वितीय शालिनी प्रिया तथा तृतीय आरती कुमारी, निबंध लेखन में प्रथम निलेश कुमार, द्वितीय रागिनी कुमारी तथा तृतीय अदिति कुमारी, भाषण प्रतियोगिता में प्रथम शालिनी प्रिया, द्वितीय हरेराम सिंह व तृतीय स्थान प्रीति कुमारी ने प्राप्त किया. निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में डॉ अंजली, डॉ कामायनी कुमारी, प्रो. अमर कुमार, डॉ अविनाश कुमार, प्रो. कुंदन कुमार, डॉ. राजवंत सिंह, प्रो. सुधाकर पांडेय तथा प्रो परवेज यूसुफ ने प्रतिभागियों के हुनर का मूल्यांकन किया. युवा उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा लघु नाटक प्रतियोगिता. प्रथम नाटक सफलता की कीमत में दिखाया कि मध्यम वर्गीय युवा कम अंक प्राप्त होने के कारण अच्छे महाविद्यालय में नामांकन नहीं करवा पाते जिस कारण तनाव और डिप्रेशन में चले जाते हैं वहीं पैसे वाले बच्चे डोनेशन देकर महाविद्यालय में प्रवेश कर जाते हैं. दूसरा नाटक- संस्कार द इंडियन मोरल वैल्यू में दो परिवार की कहानी एक साथ दिखाया गया है़ जहां एक परिवार अपनी संस्कृति के अनुसार बच्चों को संस्कार दे रहा है उसे मनुष्य को मनुष्य समझने के लायक शिक्षा दे रहा है वहीं दूसरा परिवार आधुनिक और बाजार की चमक से सराबोर है. उनके बच्चे स्वछंद जीवन व्यतीत करने की चाहत रखते हैं लेकिन जरूरत के समय अपने परिवार के भी काम नहीं आते हैं. तीसरा स्थान प्राप्त नाटक- सोशल मीडिया का प्रभाव में दिखाया गया है कि कैसे आज का युवा सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से अपना जीवन खतरे में डाल रहा है उसे बचाने और सही राह पर उसे लाने का संदेश देता है ये नाटक. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम प्रभारी प्रो परवेज यूसुफ ने सफलता के लिए सभी प्राध्यापकों प्राध्यापकों, प्रशिक्षुओं तथा कर्मियों को बधाई दी और आभार व्यक्त किया. उक्त अवसर पर सत्र 2024-26 के प्रशिक्षु, प्राध्यापकों के साथ कार्यालयकर्मी में मनीष कुमार अकेला, प्रकाश सिन्हा, आलोक कुमार आदि उपस्थित थे.

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