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संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की है आत्मा : डॉ दिनेश

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संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की है आत्मा : डॉ दिनेश

बेगूसराय. महंत राम जीवन दास महाविद्यालय, विष्णुपुर, बेगूसराय में भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया. इसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमित, प्रो नवल किशोर झा, डॉ अमित गुंजन, डॉ दिनेश कुमार डॉ रवीन्द्र कुमार मुरारी ने संयुक्त रूप से किया. मुख्य अतिथि के रूप में डॉ अमित गुंजन विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, एस बी एस एस कॉलेज ने संविधान की मूल अवधारणा, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. मुख्य वक्ता डॉ दिनेश कुमार विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, जी डी कॉलेज बेगूसराय ने छात्रों को संविधान के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान संदर्भों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है जो नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है. अपने स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमित ने कहा कि संविधान विभिन्न धर्मो, भाषाओं और संस्कृतियों वाले करोड़ों लोगों को एकता के धागे में पिरोता है. संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में संवैधानिक मूल्य, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है. आज के दिन का महत्व इसलिए है कि इसी दिन 1949 में भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था. प्रो नवल किशोर झा ने कहा कि संविधान दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह दिन हमें उन सिद्धांतों को संजोने और बनाए रखने की याद दिलाता है जो हमारे देश को एकजुट और आजाद रखते हैं. कार्यक्रम का मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो अमृतेश भारद्वाज ने किया. इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों में प्रो सूरज कुमार, प्रो राजा रोशन, डॉ प्रियंका कुमारी, प्रो द्रक्षा नियाज़ डॉ जनकनंदिनी, डॉ नसरीन बानो, प्रो भोला सिंह, प्रो रामाज्ञा सिंह, डॉ बबली कुमारी सहित राजनीति विज्ञान एवं इतिहास के सैकड़ो छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे. कार्यक्रम की समाप्ति राष्ट्रगान से किया गया.

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