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Begusarai News : शील-शक्र सम्मान से विभूषित हुए रचनाकार

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Begusarai News : शील-शक्र सम्मान से विभूषित हुए रचनाकार

बेगूसराय

.जनवादी लेखक संघ की जिला इकाई द्वारा आयोजित 10वां जिला सम्मेलन सह शील-शक्र सम्मान समारोह बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ भवन में संपन्न हुआ. यह समारोह तीन सत्रों में आयोजित हुआ. पहला सत्र सेमिनार का था, जिसका शुभारंभ युवा गायिका आयुषी मिश्रा के जनवादी गीत से हुआ. सत्र की अध्यक्षता ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ राजेंद्र साह एवं अभिनंदन झा ने की. कार्यकारिणी सदस्य कुमार विनीताभ ने स्वागत भाषण दिया. सेमिनार का विषय “साहित्यकारों का दायित्व और चुनौतियां” था. प्राच्य प्रभा के प्रधान संपादक विजय कुमार सिंह ने उद्घाटन भाषण में कहा कि आज का दौर बहुआयामी चुनौतियों से भरा हुआ है और साहित्यकारों को इनसे जूझना होगा. डॉ अभिषेक कुंदन ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि साहित्यकारों को समाज की समस्याओं को यथार्थ रूप में चित्रित करना चाहिए. जसम राज्य सचिव दीपक सिन्हा ने साहित्यकारों को व्यवस्था परिवर्तन का वाहक बताया. प्रलेस के ललन लालित्य, डॉ निरंजन कुमार और अरुण कुमार ने साहित्यकारों को जनपक्षधर लेखन और आत्मचेतना की दिशा में सक्रिय रहने का आह्वान किया. दूसरे सत्र में शील-शक्र सम्मान समारोह हुआ. हिंदी-उर्दू के वरिष्ठ शायर कृष्णचंद्र चौधरी को “शील सम्मान ” तथा नयी कविता के सशक्त हस्ताक्षर अवधेश रंजन को “शक्र स्मृति साहित्य सम्मान ” प्रदान किया गया. सम्मान पत्रों का पाठ प्रभा कुमारी, प्रियंका कुमारी, अनुपमा सिंह और डॉ ललिता कुमारी ने किया. विजय कुमार सिंह और डॉ राजेन्द्र साह ने स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये. इसके बाद आयोजित कवि सम्मेलन में शगुफ्ता ताजवर, संतोष अनुराग, अरुण अभिषेक, उमेश कुंवर “कवि “, आर्यन राज, दीनानाथ सुमित्र सहित अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया. तीसरे सत्र यानी प्रतिनिधि सत्र में सचिव राजेश कुमार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर सदस्यों ने विचार रखे. अंत में नयी कार्यकारिणी का चुनाव हुआ. डॉ राजेंद्र साह पुनः अध्यक्ष और राजेश कुमार सचिव चुने गये. उपाध्यक्ष के रूप में डॉ चंद्रशेखर, अभिनंदन झा, अनुपमा सिंह और प्रभा कुमारी, संयुक्त सचिव डॉ निरंजन कुमार, डॉ अभिषेक कुंदन और प्रो जिक्रुल्लाह खान चुने गये. कोषाध्यक्ष रंजन कुमार बनाये गये. कार्यकारिणी में कुमार विनीताभ, कला कौशल और मुकेश कुमार शामिल किये गये. संरक्षक मंडल में दीनानाथ सुमित्र, उमेश कुंवर “कवि ” और भुवनेश्वर प्रसाद सिंह का चयन हुआ.

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