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दो दिवसीय संत समागम में कबीर के संदेश से जागा समाज

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दो दिवसीय संत समागम में कबीर के संदेश से जागा समाज

गढ़पुरा. प्रखंड के कुम्हारसों स्थित आदर्श कबीर आश्रम में महंत बबलू साहेब के सानिध्य में आयोजित दो दिवसीय संत समागम शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हुआ. इस समागम में आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज़ से आए संत-महंतों ने भाग लिया और अपने सरल शब्दों में लोगों को जीवन जीने का सही मार्ग बताया. कार्यक्रम के दौरान संतों ने संत कबीर के विचारों को आम लोगों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि कबीर दास जी ने हमेशा सत्य, सादगी और ईमानदारी का रास्ता अपनाने की सीख दी. उनका मानना था कि इंसान को दिखावा नहीं, बल्कि सच्चे मन से जीवन जीना चाहिए. संतों ने कहा कि आज के समय में लोग बाहरी आडंबर और दिखावे में उलझ गए हैं, जबकि कबीर जी ने सादा जीवन और ऊँचे विचार का संदेश दिया था. संतों ने लोगों को समझाया कि ईश्वर कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही बसते हैं. इसलिए मंदिर-मस्जिद के झगड़ों से दूर रहकर इंसान को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए.उन्होंने यह भी कहा कि समाज से अंधविश्वास और पाखंड को खत्म करना जरूरी है, तभी समाज आगे बढ़ सकता है. कबीर जी के दोहे और उनके विचार आज भी उतने ही जरूरी हैं, जितने पहले थे. समागम में विभिन्न जगहों से आए संतों ने अपने-अपने तरीके से लोगों को जागरूक किया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी माहौल को भक्ति और उत्साह से भर दिया. स्थानीय कलाकारों ने भजन और कबीर वाणी प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय लोगों का अहम भूमिका रही. सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने संतों के प्रवचन सुने और अपने जीवन में सुधार लाने का संकल्प लिया.कुल मिलाकर यह संत समागम न सिर्फ धार्मिक बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी एक मजबूत मंच बना. इसने लोगों को सच्चाई, प्रेम और मानवता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी, जो आज के समाज के लिए बेहद जरूरी है. प्रमुख संतों में महंत महेश साहेब (सिल्लीगुड़ी), महंत रामउदगार साहेब (लाभगांव, शोभनी-खगड़िया), महंत रामाशीष साहेब (बछौता-खगड़िया), महंत महेंद्र साहेब (कोयला मोहन), बबलू दास (कुम्हारसों), राम मनोज दास (चक्कीपार-खगड़िया) तथा यमुना दास (मनिकपुर-बेगूसराय) शामिल रहे.

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