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Home बिहार बेगूसराय कवि सम्मेलन : आश्चर्यजनक आंकड़ों से देश पटा है, आबादी बढ़ी है, इंसान घटा है

कवि सम्मेलन : आश्चर्यजनक आंकड़ों से देश पटा है, आबादी बढ़ी है, इंसान घटा है

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कवि सम्मेलन : आश्चर्यजनक आंकड़ों से देश पटा है, आबादी बढ़ी है, इंसान घटा है

तेघड़ा.

तेघड़ा डीपीएस स्कूल परिसर में तरुण सांस्कृतिक चेतना समिति बेगूसराय के बैनर तले रविवार को राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन आयोजित. राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि बिहार सरकार के खेल मंत्री सह बछवाड़ा विधायक सुरेन्द्र मेहता, विशिष्ट अतिथि एयरफोर्स से सेवानिवृत्त वरीय पदाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, आयोजन समिति के संस्थापक सह संरक्षक सीताराम शेरपुरी, डॉ महेशचंद्र चौरसिया, आनंद जायसवाल एवं चर्चित साहित्यकार मिन्टू कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ महेशचंद्र चौरसिया एवं मंच संचालन सीताराम शेरपुरी ने किया. कवि सम्मेलन में दूर-दूर से आए कवियों ने अपने जादुई अंदाज में हास्य कविता प्रस्तुत कर लोगों को खूब लोटपोट किया. कभी जिंदगी के अनछुए पहलुओं को उजागर किया, तो कभी जिंदगी की सच्चाई को प्रस्तुत किया. कविता सुनकर लोग कभी जोर-जोर से ठहाके लगाते तो कभी उनके आंखों से खुशी के आंसू भी निकलते देखे गये. बिहार के विभिन्न हिस्सों से आए मशहूर कवियों ने श्रोताओं को खूब रिझाया, गुदगुदाया और ठहाके लगवाये. वीर रस, हास्य, व्यंग्य, ओज और शृंगार के जाने माने कवियों ने अपने अपने अंदाज में ऐसी काव्य सरिता बहाई कि श्रोताओं ने खूब डुबकियां लगायी. देश और राज्यों की राजनीति पर ऐसे ऐसे बाण छोड़े की श्रोता हंस-हंस कर लोटपोट हो गए. मुख्य अतिथि खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता एवं विशिष्ट अतिथि चंद्रप्रकाश सिंह को आयोजन समिति के अध्यक्ष आनंद जायसवाल एवं सचिव मिन्टू कुमार झा ने संयुक्त रूप से मिथिला का पारंपरिक पाग, अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया. कवि सम्मेलन को संबोधित करते हुए खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि कवि सम्मेलन कविता के माध्यम से कवि न्याय की स्थापना करते है. कवि अपने कविता के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का काम करते है. हमारा देश कैसे विकास करें कवि अच्छाई पर अपनी कलम से लिखते हैं. न्याय हमेशा जीतता रहे. यह कवि अपनी लेखनी से मार्गदर्शन करते हैं. कवि सम्मेलन में हवेली खड़गपुर से आएं पूर्व प्राचार्य सह चर्चित साहित्यकार डॉ महेशचंद्र चौरसिया द्वारा स्वरचित कविता अमुआ की डाली पे कुहुके कोयलिया, कागा के जिया जले, कविता सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कवि डॉ सच्चिदानंद पाठक ने अपनी कविता आश्चर्यजनक आंकड़ों से देश पटा है, आबादी बढ़ी है इंसान घटा है अपने जोशीले अंदाज में श्रोताओं को सुनाया. हास्य व्यंग्य के मशहूर कवि मिंटू कुमार झा ने अपनी कविता के माध्यम से कहा कि अपने हैं उपकार पिता, करते हैं उद्धार पिता, माता जन्मदायिनी है, वैभव के आगार पिता सुनाकर तालियां बटोरने के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिये. दलसिंहसराय से पधारे युवा साहित्यकार सत्यसंध भारद्वाज ने कहा कि वक्त वह बीत कर याद आता है, ख्वाब पलकों पे मेरी सजाता है, पर खूब तालियां बटोरे. वहीं सीताराम शेरपुरी की कविता जे जेत्ते पार्टी बदललक उहे नेता पक्का हो पर खूब ठहाके लगें. कवि श्रीराम राय की कविता जय भारत जय हिंद मैं गाऊं राष्ट्रधर्म की रित निभाऊं, समस्तीपुर से आएं युवा कवि शिवकुमार सिंह ने कहा हम तो कुंवारे थे वर्षों पुराने चाहें तू माने चाहें न माने, विद्यापतिनगर से पधारे कवि पद्माकर सिंह लाला ने कहा कि सच ही कहा है तुमने हमारी मुहब्बत बदल गई, रोसड़ा से आएं वाचस्पति सौरव की कविता पार्वतीपतेय पर तो कवि देवनीती राय ने अपनी कविता के माध्यम से कहा कि हे गे मैया आय हमरा बगिया बनाय कोठी में धान छै कूट के पिसाय दे ने भी अपनी कविता के माध्यम से लोगों को खूब गुदगुदाया. कवयित्री अर्चना कुमारी अर्पण ने कहा कि जाग-जाग भारत की जय ने तुझे पुकारा है, एकबार इतिहास ने फिर से तुमको ललकारा है. प्रवीण कुमार चुन्नू की कविता वेवजह जज्बात में उलझे रहे, हम भी अपनी जात में उलझे रहे खूब लोगों को हसाया, प्रो सत्यसंध भारद्वाज की कविता वक्त वह बीतकर याद आता है. ख्वाब पलकों पे मेरी सजाता रहा. वहीं समस्तीपुर से आएं कवि मुकेश कुमार समस्तीपुरी ने अपने तीखे अंदाज में कहा कि जलाई है दिया हमने तिमिर को खत्म कर देंगे खूब लोगों को भाया. कवि सम्मेलन में राज्य भर से आये कवियों को मुख्य अतिथि खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता, विशिष्ट अतिथि एयरफोर्स के अवकाश प्राप्त पदाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, आयोजन समिति के अध्यक्ष आनंद जायसवाल, सचिव मिन्टू कुमार झा ने संयुक्त रूप से मिथिला पाग, अंगवस्त्र, मोमेंटो, सम्मान पत्र एवं पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया. मौके पर दीपक कुमार राय, संध्या कुमारी, अशोक चौधरी, अरविंद झा, चंद्रमोहन झा, दिवाकर झा, कैप्टन अमोद कुमार, डब्ल्यू सिंह, रामशंकर सिंह, राजीव कुमार सिंह आदि मौजूद थे.

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