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बेगूसराय के युवा ने केले के बेकार तनों को बनाया किसानों की कमाई का जरिया

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बेगूसराय के युवा ने केले के बेकार तनों को बनाया किसानों की कमाई का जरिया
केले के बेकार तनों का इस्तेमाल करते

(बेगूसराय से एस.एम. बेग की रिपोर्ट)

Begusarai News : बेगूसराय में जिस केले के तने को किसान कभी खेतों में सड़ने के लिए छोड़ देते थे या उसे हटाने में अतिरिक्त खर्च उठाते थे. आज वही तना किसानों की आय बढ़ाने का नया माध्यम बन गया है. बेगूसराय जिले के नावकोठी प्रखंड स्थित हसनपुर बागर पंचायत में एक युवा उद्यमी ने कृषि अपशिष्ट को उद्योग से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई कहानी लिख दी है.

एमबीए युवा ने शुरू किया अनोखा स्टार्टअप

हसनपुर बागर पंचायत निवासी एमबीए स्नातक राकेश कुमार ने केले के तनों पर शोध कर उन्हें उपयोगी उत्पादों में बदलने की दिशा में पहल की। उन्होंने इकोबेन यार्न प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना कर केला अपशिष्ट से धागा, जैविक खाद और अन्य पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार करने का प्लांट शुरू किया है। इस पहल से किसानों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

बेकार तनों से बन रहे कई उपयोगी उत्पाद

करीब 21 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित इस आधुनिक इकाई में केले के तनों और उनसे निकलने वाले रस का उपयोग किया जाता है। यहां केले के रेशों से धागा तैयार किया जाता है, जबकि बचे हुए पल्प और रस से वर्मीकम्पोस्ट तथा एनपीके खाद बनाई जाती है। इसके अलावा बनाना लेदर, हैंडीक्राफ्ट सामग्री, इको-फ्रेंडली बैग, होम डेकोर लाइट्स और जैविक उर्वरक जैसे उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं।

किसानों की बढ़ी अतिरिक्त आय

इस परियोजना से फिलहाल लगभग 100 किसान जुड़े हुए हैं। पहले जिन केले के तनों को हटाने के लिए किसानों को पैसे खर्च करने पड़ते थे, अब वही तने 7 से 10 रुपये प्रति तना के हिसाब से बिक रहे हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी के साथ-साथ अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या से भी राहत मिली है।

रोजगार और आत्मनिर्भरता को मिल रही नई दिशा

राकेश कुमार के अनुसार यह मॉडल “कचरे से कमाई” और आत्मनिर्भर बिहार की सोच को मजबूती देता है। वर्तमान में इस इकाई से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक दर्जन लोगों को रोजगार मिला है। आने वाले समय में तीन नई इकाइयां स्थापित करने की योजना है, जिससे रोजगार के और अवसर सृजित होंगे।

नवाचार देखने दूर-दूर से पहुंच रहे किसान

केले के अपशिष्ट से तैयार उत्पादों और इस अनोखे मॉडल को देखने के लिए विभिन्न जिलों से किसान पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल कृषि अपशिष्ट के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व मुखिया मुक्तिनारायण सिंह, अजय सिंह, कन्हैया कुमार और किसलय कुमार सहित कई लोगों ने कहा कि इस नवाचार ने केला उत्पादक किसानों की बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। अब जो तना कभी बोझ माना जाता था, वही किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत आधार बन रहा है.

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Vivek Singh : विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म The Newsdharma के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है. इसके साथ ही वे NGO Amar Shaheed Bipin Singh Foundation से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
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