बीहट (बेगूसराय) से बिपिन राज की रिपोर्ट
Begusarai News: बेगूसराय में मलमास की समाप्ति के बाद जहां एक ओर सिमरिया में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की अपार भीड़ विगत 15 जून से लगातार उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद बीहट और नल-जल विभाग के अधिकारियों की उदासीनता व लापरवाही से जिला प्रशासन की छवि पर बट्टा लग रहा है. दरअसल, सीढ़ी घाट के रास्ते मुख्य स्नान घाट तक जाने वाली महत्वपूर्ण संपर्क सड़क पर इन दिनों भारी जलजमाव, साफ-सफाई की घोर कमी और रास्तों के दोनों ओर बेतरतीब अतिक्रमण होने से यहां आने वाले आम श्रद्धालुओं को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अधूरे पाइपलाइन कार्य और जलमीनार की पानी से बनी मुसीबत
स्थानीय पंडा रामजी झा ने इस अव्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर करते हुए बताया कि शवदाहगृह के समीप स्थित जलमीनार से पानी सप्लाई के लिए नया पाइप बिछाया जाना था. लेकिन बरौनी रिफाइनरी द्वारा अपने क्षेत्र में पाइप बिछाये जाने से रोक दिए जाने के बाद, नल-जल विभाग ने इस महत्वपूर्ण कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया है. उन्होंने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि काम रोके जाने और स्थानीय लोगों द्वारा मना करने के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा जलमीनार से लगातार पानी छोड़ दिया जाता है. इस पानी के रिसाव के कारण ही पगला बाबा आश्रम से लेकर दिनकर द्वार के समीप की पूरी सड़क पर भारी जलजमाव और कीचड़ फैल गया है.
घुटने भर कीचड़ और पानी के बीच गुजरने को मजबूर लोग
सड़क की स्थिति इतनी नारकीय हो चुकी है कि पवित्र गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को उस मुख्य रास्ते से गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं. इसके साथ ही सिमरिया सीढ़ीघाट के मुख्य मार्ग पर कतिपय स्वार्थी दुकानदारों तथा स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण से रास्ता दिन-प्रतिदिन बेहद संकीर्ण होता जा रहा है. संकीर्ण रास्ते के कारण यहां आने वाले दिनों में किसी भी बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम या पर्व-त्योहारों के दौरान भीषण जाम लगने की पूरी आशंका बनी हुई है, जिससे स्थिति बेकाबू हो सकती है.
प्रशासन के कड़े आदेशों के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में कई बार कड़े निर्देश दिये जाने के बाद भी इस मुख्य रास्ते को अब तक पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त नहीं किया जा सका है. आलम यह है कि रोज-रोज इसी वीआईपी रास्ते के दोनों ओर नई-नई दुकानें खुलती जा रही हैं और प्रशासनिक तंत्र मूकदर्शक बना हुआ है. सिमरिया के पंडा रामजी झा सहित अन्य स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और वरीय अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर जनसमस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सिमरिया धाम की प्रतिष्ठा को देखते हुए अविलंब इस जलजमाव और अतिक्रमण की समस्या को दूर किया जाए.
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