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Home बिहार बेगूसराय Begusarai News : शिक्षा विभाग की लापरवाही से “10 करोड़ लौटने के कगार पर, स्कूलों को नहीं मिला

Begusarai News : शिक्षा विभाग की लापरवाही से “10 करोड़ लौटने के कगार पर, स्कूलों को नहीं मिला

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Begusarai News : शिक्षा विभाग की लापरवाही से  “10 करोड़ लौटने के कगार पर, स्कूलों को नहीं मिला

बेगूसराय. बिहार सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत कार्य प्रगति की बैठक चल रही है, लेकिन शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण जिले के 10 करोड़ रुपये लौटने के कगार पर हैं. वित्तीय वर्ष 2025/26 के लिए प्रत्येक विद्यालय को 50 हजार रुपये आवंटित करने का आदेश था, लेकिन यह राशि अधिकतर विद्यालयों तक नहीं पहुंची. बिहार सरकार ने प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में जीर्णोद्धार, अनुरक्षण और मरम्मत के लिए धनराशि का प्रावधान किया था, लेकिन तत्कालीन डीपीओ स्थापना खुशबू कुमारी की अव्यवस्था या जानबूझकर उपेक्षा के कारण यह राशि बेगूसराय में रुकी रह गयी. बेगूसराय को छोड़कर अन्य जिलों ने राशि सही समय पर आवंटित कर दी थी. उदाहरण के लिए, भागलपुर जिले में सभी विद्यालयों को राशि वितरित कर दी गयी और छह जनवरी को व्यय करने का आदेश जारी किया गया. नौ जनवरी तक डीसी बिल पत्र एवं मूल अभिलेख जमा करने का निर्देश भी दिया गया. वहीं बेगूसराय में विभाग की “कुंभकरनी निद्रा ” के कारण राशि रोक दी गयी और अब विद्यालय इस राशि का लाभ नहीं उठा पायेंगे. कई विद्यालय प्रधानाध्यापक विभाग के चक्कर काटते रहे, बावजूद इसके डीपीओ ने ध्यान नहीं दिया. यदि समय पर राशि आवंटित होती, तो विद्यालय इसका उपयोग कर पाते. कुछ प्रधानाध्यापक ने धन का सही उपयोग कर समाज में मिसाल कायम की है, लेकिन कई अन्य इससे वंचित रह गये. यह स्थिति विभाग की गंभीरता की कमी को दर्शाती है और शिक्षा क्षेत्र में प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता को उजागर करती है. शिक्षा विभाग की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर डीपीओ स्थापना ने इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया, जिससे लाखों रुपये के लाभ से विद्यालयों और छात्रों को वंचित होना पड़ा. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के द्वारा बिल ट्रेजरी को भेज दिया गया था, लेकिन ट्रेजरी ने रोक लगा दी और कहा कि वित्त विभाग ने पत्र जारी कर इस राशि की निकासी पर रोक लगा दी है.

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