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Home बिहार बांका Mandar Mahotsav : तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नयी-नयी है…

Mandar Mahotsav : तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नयी-नयी है…

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Mandar Mahotsav  : तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नयी-नयी है…

बौंसी. जो खानदानी रईस है वो मिजाज रखते हैं नर्म अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नयी-नयी है… कानपुर की उर्दू कवियत्री शबीना अदीब की इस गजल से पूरे देश में तहलका मचानेवाले सूफी संगीत गजल गायक कुमार सत्यम मंदार महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार की शाम में जैसे ही मंच पर आये दर्शकों की भारी भीड़ ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया. यह गज़ल, परवीन शाकिर की शायरी से प्रेरित होकर लिखी गयी थी. कुमार सत्यम ने वक्त का ये परिंदा रुका है कहां से अपनी गायकी शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने अभी ना आयेगी नींद तुमको अभी ना हमको सुकू मिलेगा, अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा, अभी मोहब्बत नयी-नयी है… सहित दर्जनों गजल, भजन और गीत गाकर सर्द भरी रात में गर्माहट ला दिया. मंदार महोत्सव में बुधवार की रात को महफिल में जुटे हजारों दर्शक गीत, संगीत और सूफी की त्रिवेणी में गोता लगाते रहे. मानो उनकी ठंड भी भाग गयी हो. कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया. फिर दर्शक और कुमार सत्यम की जुगलबंदी ने लोगों को अपनी जगह से हिलने तक नहीं दिया. कार्यक्रम की समाप्ति के बाद भी वंस मोर वंस मोर की आवाज दर्शक दीर्घा से आती रही. इस दौरान तबले पर मंजय जी, पैड पर सचिन, कीबोर्ड पर राजीव, ढोलक पर विष्णु देव, बेंजो पर राजा हिंदुस्तानी ने कमाल किया. इस मौके पर दर्जनों यू ट्यूबर ने गजल गायक के कार्यक्रम को अपने कैमरे में कैद करने का कार्य किया. कार्यक्रम में जिले के कई पदाधिकारी, गजल गायक के परिवार के लोगों के साथ भारी भीड़ मौजूद थे.

स्थानीय कलाकारों का भी हुआ कार्यक्रम

मंच पर सीतामढ़ी के मोनी झा, बांका के बाराहाट निवासी जीतू कुमार ने बेहतरीन गीत गाये. जबकि बांका की बरखा कुमारी का नृत्य सबने सराहा. अमरपुर के पुरुषोत्तम झा ने गायन से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया. पटना के संत बाबा संगीत संस्थान के ग्रुप की बेहतरीन नृत्य, सामाजिक परिवेश संस्थान पटना के कलाकारों का गायन, नालंदा संगीत विकास संस्थान पटना के कलाकारों का भी गायन कार्यक्रम हुआ. पटना की डॉक्टर निशा पराशर ने भी एक से बढ़कर एक गीत गाये. संत बाबा संगीत संस्थान पटना के कलाकारों के नृत्य के साथ-साथ पटना की ही डॉक्टर नीतू नवगीत के द्वारा लोकगीतों की प्रस्तुति दी गयी. मंच संचालन का काम पटना की अंकिता आर्या और बांका के कुंदन बिहारी ने किया.

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