[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु फैक्ट्री की मिट्टी जांच करने आई टीम को ग्रामीणों ने घेरा, प्रदर्शन

रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु फैक्ट्री की मिट्टी जांच करने आई टीम को ग्रामीणों ने घेरा, प्रदर्शन

0
रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु फैक्ट्री की मिट्टी जांच करने आई टीम को ग्रामीणों ने घेरा, प्रदर्शन

बेलहर बांका से अभय कुमार “सोनू ” की रिपोर्ट,

प्रखंड क्षेत्र के रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु विद्युत फैक्ट्री लगाने को लेकर मिट्टी जांच के लिए आई टीम को ग्रामीणों ने गांव में प्रवेश होने से रोका. साथ ही साथ फैक्ट्री लगाने का विरोध करते हुए पारंपरिक हथियार के साथ नगाड़ा बजाते हुए धरना प्रदर्शन किया. लगातार कुछ माह से बेलहर प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर पंचायत के रघुनाथपुर मौजा स्थित लेटवा, कटहरा, दुबराज, केन्दुआ-झरना, मलटरिया एवं नीमटाड़ के 1400 एकड़ भूमि पर औद्योगिक करण के तहत परमाणु विद्युत संरचना का निर्माण किए जाने के लिए जांच चल रही है. इसी जांच के क्रम में शुक्रवार को एक टीम गांव पहुंचकर विभिन्न स्थानों पर मिट्टी की जांच करना चाह रही थी लेकिन इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिलते ही लगभग सैकड़ो महिला-पुरुष, बच्चे-बूढ़े ग्रामीण जांच टीम को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया तथा वापस कर दिया.

जांच को पहुंची थी अधिकारियों की टीम

शनिवार को बांका अनुमंडल पदाधिकारी बेलहर सीडीपीओ रविंद्र मोहन प्रसाद, बेलहर अंचलाधिकारी शशिकांत शुक्ला, बेलहर थाना अध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा, जिलेबियामोड थानाध्यक्ष राजू कुमार ठाकुर एवं सुईया, कटोरिया के थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ पहुंचे लेकिन आज पुणः सैकड़ो महिला-पुरुष, बच्चे-बूढ़े ग्रामीण पारंपरिक हथियार लाठी-डंटा, खंती, टेंगारी, कचिया, कुल्हाड़ी के साथ पदाधिकारी की गाड़ी को गांव के बाहर ही रोक दिया तथा किसी को गांव में प्रदेश करने नहीं दिया. पदाधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर समझने बुझाने का काफी प्रयास कर मिट्टी का जांच करने देने को कहते रहे लेकिन ग्रामीण किसी की एक नहीं सुना. और नारे बाजी एवं नगाड़ा बजाते हुए अपनी जमीन को नहीं छोड़ेंगे. इसी बात पर अड़े रहे. पदाधिकारी गाड़ी छोड़कर पैदल गांव तथा क्षेत्र में गए एवं बाद में अंचल अमीन, सर्वे अमीन, राजस्व कर्मचारी इंजीनियर आदि को पदाधिकारी ने गांव में बुलाने का प्रयास किया. लेकिन ग्रामीण इन लोगों को घेर कर रखे तथा गांव में प्रवेश करने नहीं दिए. मौके पर पंचायत के कटहरा, सवाईजोर, दुबराज, कथाटीकर, मलटरिया, केंदुआ-झरना, हरिकुरा, निमाटाड़, सलैया, ललमटिया, तेतरकोला, बेला, लेदमा आदि गांव के आदिवासी सहित अन्य जाति के ग्रामीण एकत्रित थे.

ग्रामीण बोले-जंगल जमीन पर ही हम लोगों का जीवन यापन है निर्भर

ग्रामीणों का कहना था कि जिस जमीन पर फैक्ट्री लगाई जाएगी वह हम लोगों के पुरखों की जमीन है. जिससे हम लोगों का परिवार चलता है जंगल जमीन पर ही हम लोगों का जीवन यापन निर्भर है. यदि इसे ले लिया जाएगा तो हम लोग का क्या होगा. हमें किसी कीमत पर फैक्ट्री नहीं चाहिए हमें हमारी जमीन ही चाहिए. औद्योगिक क्षेत्र के लिए 1400 एकड़ जमीन चिन्हित किया गया है. जिसमें वन विभाग का लगभग 800 एकड़, गैर मजेरवा बिहार सरकार का 300 एकड़ एवं रैयती 300 एकड़ जमीन को चिन्हित कर प्रस्तावित की गई है.

गलतफहमी में हैं ग्रामीण, एसडीपीओ

वही संबंध में बेलहर एसडीपीओ रविंद्र मोहन प्रसाद ने बताया कि ग्रामीण गलतफहमी में हैं. उन्हें समझाने का प्रयास किया गया. लेकिन उनकी कई प्रकार की ग्रीबांस है. जिसके लिए हम लोगों ने प्रभावित पांच गांव के पांच पांच प्रतिनिधित्व चुनकर देने के लिए कहे हैं. जिसे वार्ता कर समझाया बुझाने जाएगा. उसके बाद ही काम की जाएगी. कोई जोर जबरदस्ती या बलपूर्वक काम नहीं होगा. औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से बांका एवं इस क्षेत्र का विकास होगा.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel