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Home बिहार बांका Banka News : दो अलग-अलग टीमों ने प्रतिबंधित बालू घाटों पर की छापेमारी, माफियाओं में हड़कंप

Banka News : दो अलग-अलग टीमों ने प्रतिबंधित बालू घाटों पर की छापेमारी, माफियाओं में हड़कंप

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Banka News : दो अलग-अलग टीमों ने प्रतिबंधित बालू घाटों पर की छापेमारी, माफियाओं में हड़कंप

प्रभात खबर टोली,

बांका/भागलपुर.

प्रभात खबर में प्रतिबंधित बालू घाट से अवैध बालू उत्खनन की खबरें लगातार दो दिनों से प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन की टीम हरकत में आ गयी. डीएम अंशुल कुमार व एसपी डॉ सत्यप्रकाश के निर्देश पर जिले के सभी प्रतिबंधित बालू घाटों पर अवैध उत्खनन व माफिया तंत्र की सक्रियता को लेकर संयुक्त छापेमारी की गयी. डीएम व एसपी के निर्देश पर गठित जिले की दो अलग-अलग टीमों के द्वारा गत बुधवार की रात करीब 12.30 बजे से संयुक्त छापेमारी की गयी. टीम की यह छापामारी करीब चार बजे सुबह तक जारी रही. हालांकि इस दौरान रात में अचानक हुई भीषण मूसलधार बारिश और लगातार दो दिन से प्रकाशित खबर की वजह से बालू माफिया नदी में नहीं उतरे. लेकिन, उनमें प्रशासनिक खौफ साफ तौर पर देखा गया. पहली टीम ने अमरपुर थाना अंतर्गत चांदन नदी किनारे अवस्थित प्रतिबंधित तारडीह, तेतरिया, किशनपुर, मालदेवचक, चोकर आदि घाटों पर सघन छापेमारी की. जिनका नेतृत्व एसडीएम अविनाश कुमार व एसडीपीओ विपिन बिहारी ने किया. टीम में प्रमुख रूप से खान निरीक्षक हरिओम ओझा, अमरपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के अलावा करीब दो दर्जन से अधिक पुलिस बल शामिल थे. दूसरी टीम बौंसी एसडीपीओ अर्चना कुमारी के नेतृत्व में रजौन थाना क्षेत्र के प्रतिबंधित घाट सिंहनान, रामपुर, अमदाहा, कैथा, दामोदरपुर, डरपा, रुपसा आदि बालू घाटों पर छापेमारी की. यहां भी पुलिस की भनक लगते हुए बालू माफिया फरार हो गये. इस दौरान कुछ नहीं पकड़ा गया. चार घंटे तक खनन टीम घाटों पर रही. माइनिंग अफसरों की माने तो माफिया साइलेंट थे. कोई नदी में बालू चुराने नहीं पहुंचा था. उधर अमरपुर क्षेत्र के बेरमा, भदरिया, लौसा आदि घाट पर बालू नदी से निकालने की खबर है.टीम के द्वारा यहां करीब रात 10.30 बजे से 1 बजे रात तक छापेमारी की गयी. टीम में रजौन थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार सहित अन्य पुलिस बल शामिल थे.

रात में शांत रही सड़क :

प्रभात खबर में लगातार प्रकाशित खबर और जिला प्रशासन की टीम के माध्यम से अलग-अलग बालू घाटों पर सघन छापेमारी की वजह से बालू माफियाओं में हड़कंप साफ नजर आया. इन प्रतिबंधित बालू घाट के आस पास बसने वाले गांव के लोगों ने बताया कि खबर व प्रशासनिक छापेमारी का असर यह हुआ कि रात भर सड़क शांत रहा. अन्यथा प्रतिदिन रात में पर धूल उड़ाते दर्जनों ट्रैक्टर धड़ल्ले से पार होता था. जीना दुश्वार हो गया था. बुधवार को प्रशासन की सक्रियता से लोगों को आराम मिला.

…………….जिला प्रशासन खनन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा विभिन्न प्रतिबंधित घाटों पर छापेमारी की जा रही है. अवैध बालू के कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए सभी संबंधित विभाग को कई जरूरी व कड़े निर्देश दिये गये हैं. अवैध बालू घाटों पर लगातार यह अभियान जारी रहेगी.

-अंशुल कुमार, डीएम, बांका

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एसडीएम, एसडीपीओ, खनन इंस्पेक्टर और अमरपुर पुलिस ने मंगलवार देर रात चार घंटे तक संयुक्त छापेमारी की. हालांकि वहां कोई एक्टिविटी नहीं मिली. राजस्व का नुकसान करनेवाले माफियाओं के खिलाफ राजस्व वसूली की भी कार्रवाई होगी. पहले भी कई केस इस संबंध में दर्ज किये गये हैं.

कुमार रंजन,जिला खनन पदाधिकारी, बांका———

अमरपुर व रजौन में अवैध बालू खनन के हैं हॉट स्पॉट

फिलवक्त चुनाव में पुलिस की व्यस्तता के कारण इन दिनों बालू माफिया विभिन्न घाटों पर सक्रिय हैं. सूत्रों की मानें तो अमरपुर के दर्जन भर प्रतिबंधित घाटों में चांदन नदी किनारे चोकर, बेरमा, किशनपुर व तेतरिया बालू घाट माफियाओं का हॉट स्पॉट है. यहां से बड़ी मात्रा में अवैध बालू की सप्लाई होती है. खास यह भी कि बेरमा पूर्वी में पहले से कार्यरत पुलिस ओपी पर स्थानीय लोगों के द्वारा कई सवालियां निशान उठाते रहे हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो सभी प्रतिबंधित घाट के साथ इन तीनों घाटों पर विशेष निगरानी से हद तक बालू का अवैध कारोबार रोका जा सकता है. बताया यह भी जा रहा है कि रजौन थाना क्षेत्र में बालू माफिया चोरी छिपे अवैध बालू का खनन कर भगवानपुर से श्यामपुर जाने वाली सड़क के किनारे खेतों में बालू डंप करते हैं. उसके बाद मौका मिलते ही डंप बालू भागलपुर व अन्य क्षेत्रों में महंगे दामों पर बेची जाती है. कई बार देखा गया है कि पुलिस बालू घाटों पर छापेमारी तो जरूर करती है, लेकिन पासर गिरोह सक्रिय रहने के कारण पुलिस को बड़ी सफलता नहीं मिलती है. रजौन में बालू का असल खेल बालू घाटों से 2 किलोमीटर के आसपास बसे गांवों से होती है. बालू माफिया एक दिन पहले बालू का खनन करते हैं, फिर दो दिन तक उसे बेचने का सुनहरा अवसर ढूंढ़ते हैं. यहां अवैध बालू कारोबार का मार्ग अमदाहा-श्यामपुर, भगवानपुर-श्यामपुर, दामोदरपुर-तेरह माइल होते हुए भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग है. जहां से टेकनी, जबड़ा, परसोतीपुर के रास्ते या टेकनी, बाभनकोरामा, इस्लामपुर के रास्ते महगामा होते हुए भागलपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर जाती है.

बड़ी चुनौती : लूट ले गये अरबों के बालू, रिकवरी कितनी हो पायेगी

रजौन के खुशहालपुर के किसानों ने बताया कि पिछले 6-7 साल मे अरबों रुपये के अवैध बालू तस्करों ने उठा लिये. अब प्रशासन कितने रकम की रिकवरी कर पाता है, यह देखना होगा. इसके लिए दोषी अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है. ऐसे अधिकारियों के संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए.

खेत बंजर हो गये, विरोध करने पर माफिया डराते हैं

स्थानीय किसानों ने बताया कि करीब 15 साल पहले उनलोगों का खेत लहलहाती थी.पर बेतहाशा बालू खनन होने लगा. इससे नदी गड्ढा हो गया. खेतों तक पानी नहीं जाने लगा. खेत बंजर हो गये. बालू खनन से जलसंकट होने लगा. पर रोके बाद भी माफिया हावी रहे. बालू उठाव से मना करने पर माफिया डराते हैं. रजौन, जगदीशपुर, सजौर क्षेत्र में अवैध बालू खनन व ट्रैक्टरों से परिवहन का वीडियो, फोटो अक्सर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को भेजा जाता है. पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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